नाम क्या है, कब से बुखार है। डॉक्टर देखने आते हैं कि नहीं, इलाज अच्छा चल रहा है, लापरवाही तो नहीं। दवाएं बाजार से तो नहीं खरीदनी पड़ रहीं। खाना भी मिल रहा है ना...। रविवार को एसएन मेडिकल कॉलेज के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीजों से अपर मुख्य सचिव हेमंत राव ऐसे ही रूबरू हुए। परिजनों से चिकित्सकीय व्यवस्थाओं का हाल भी जाना।
12.40 बजे डेंगू वार्ड पहुंचकर अपर मुख्य सचिव ने प्राचार्य से भर्ती मरीजों के बारे में पूछा। प्राचार्य ने बताया कि मेडिसिन-बाल रोग के डेंगू वार्ड में 29 मरीज भर्ती हैं। 20 मरीज ठीक होने पर डिस्चार्ज कर दिए हैं। फिरोजाबाद की 11 साल की एक बच्ची की ब्लीडिंग होने पर मौत हो गई है। अभी वार्ड में सबसे ज्यादा मरीज फिरोजाबाद के हैं। आगरा के दो संदिग्ध मरीज हैं।
इस पर अपर मुख्य सचिव ने पिनाहट के राहुल कुमार और फिरोजाबाद के जितेंद्र से बातकर इलाज की व्यवस्थाओं की जानकारी की। मरीज जितेंद्र ने बुखार के बाद शरीर पर बने लाल चकत्ते भी दिखाए। वार्ड का निरीक्षण करने के बाद अपर मुख्य सचिव ने प्राचार्य से आगरा में डेंगू की स्थिति पर चर्चा की। प्राचार्य ने बताया कि फिरोजाबाद समेत अन्य जिलों के मुकाबले आगरा की स्थिति काफी बेहतर है। 1.10 बजे निरीक्षण कर मुख्य सचिव लौट गए।
सफाई के दिए निर्देश
इमारत में प्रवेश द्वार के कोने पर चूना डाला गया था, गैलरी के कोने और दीवारें पीक से लाल थीं, मरीज की चादर भी उनके सामने बदली थी। इस पर मुख्य सचिव ने साफ-सफाई के निर्देश दिए।
कल से घर-घर स्क्रीनिंग
मुख्य सचिव ने डेंगू से बचाव के लिए सीएमओ को सात सितंबर से गांव स्तर तक घर-घर जाकर बुखार के मरीजों की स्क्रीनिंग और स्लाइड बनाकर जांच कराने को भी कहा है।
अतिरिक्त बेड की रखें तैयारी
भले ही आगरा में डेंगू के मरीज कम हैं, लेकिन मौजूदा वार्ड में 75 फीसदी बेड भर जाने पर नया वार्ड बनाकर तैयार रखें। डॉक्टर- नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था रखें।
तीमारदारों को बाहर निकाला, दवाएं भी नहीं लेकर जाने दी
अपर मुख्य सचिव के निरीक्षण से आधा घंटे पहले ही वार्ड में सभी तीमारदारों को बाहर निकाल दिया। वार्ड के बाहर सामने बैंच पर भी नहीं बैठने दिया। दवा और जांच रिपोर्ट लेकर जाने वाले तीमारदारों को भी अंदर नहीं जाने दिया। गार्ड ने कहा कि साहब का निरीक्षण पूरा होने के बाद ही अंदर जा सकोगे, इससे परेशानी हुई।
भर दिए गड्ढे, दो बार लगाया पोंछा, झाड़ू
अपर मुख्य सचिव के आने से पहले ही यहां साफ-सफाई की चौकस व्यवस्था की। वार्ड में दो बार झाड़ू और पोंछा लगाया। डस्टबिन भी साफ करा दिया, वार्ड के आसपास सफेदी भी डलवाई। एमजी रोड से घड़ी वाली इमारत तक गड्ढों को लाल कंक्रीट डालकर भर दिया।
फिरोजाबाद: डेंगू और बुखार से मौत का ऑडिट करेगी टीम, दो दिन में देगी रिपोर्ट, घर-घर पहुंचे अफसर