निराश्रित गोवंश के लिए गोशालाओं में चारा नहीं, उपचार के लिए दवाएं नहीं, जांच के लिए पशु चिकित्सक नहीं जाते। गोशालाओं में इस दुर्दशा पर सोमवार को आगरा के नोडल अफसर व अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार समीक्षा बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) से खासे नाराज हुए। उन्होंने भूख से गोवंश की मौत होने पर सीवीओ को निलंबित करने की चेतावनी देते हुए 24 घंटे में सुधार के निर्देश दिए हैं।
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अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं आगरा के नोडल अधिकारी आलोक कुमार तीन दिन के दौरे पर सोमवार दोपहर 12 बजे आगरा पहुंचे। दोपहर तीन बजे सर्किट हाउस में समीक्षा की। उन्होंने अमर उजाला को बताया कि गोशालाओं में निराश्रित गोवंश के लिए उचित इंतजाम नहीं होने की शिकायतें मिलीं हैं। वहां कितना चारा है, कितने गोवंश और कर्मचारियों की सही जानकारी मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी नहीं बता पाए। कल गोशाला का निरीक्षण करने जाऊंगा। सुधार नहीं मिला तो सीवीओ को निलंबित करने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजूंगा।
किसानों को बिजली, सिंचाई की समस्या
नोडल अफसर ने आगरा के किसानों की समस्याओं के बारे में डीएम प्रभु एन सिंह से पूछा तो उन्होंने बताया कि आगरा में कृषि बिल के बजाय किसानों को सिंचाई, बिजली व स्थानीय समस्याएं हैं। बैठक में ही अपर मुख्य सचिव ने सिंचाई व विद्युत अधीक्षण अभियंताओं को व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए हैं। एडीजी अजय आनंद ने नोडल अफसर को बताया कि थाना स्तर पर कमेटियां बनाकर किसानों से संवाद किया है।