आगरा के श्री पारस अस्पताल मामले में आगरा विकास प्राधिकरण ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। श्री पारस अस्पताल पर अवैध निर्माण और नक्शा पास कराए बिना अस्पताल संचालन का आरोप है। मामले में शिकायत के बाद एडीए उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने मुख्य नगर नियोजक से रिपोर्ट मांगी थी। जांच में पाया गया कि प्लॉट पर अस्पताल बना है, उसका नक्शा 20 साल पहले आवासीय में स्वीकृत किया गया था। अस्पताल बनने के बाद स्वीकृति नहीं ली गई।
बाईपास रोड स्थित श्री पारस अस्पताल द्वारा छह साल पहले अस्पताल का संचालन शुरू किया गया था, लेकिन इस नाम को कोई मानचित्र आगरा विकास प्राधिकरण ने स्वीकृत ही नहीं किया। यह इमारत साल 2002 में बनाई गई थी। अस्पताल प्रबंधन ने कहा था कि पूर्व में बनी इमारत में उन्होंने अस्पताल संचालित किया है, लेकिन नियम के मुताबिक अस्पताल का संचालन करने पर उन्हें अस्पताल के मानकों के मुताबिक जो बदलाव इमारत में किए गए, उनकी जानकारी और अनुमति एडीए से लेनी चाहिए थी, लेकिन ऐसी कोई अनुमति भी एडीए के रिकॉर्ड में नहीं मिली।
मुख्य नगर नियोजक आरके सिंह ने जांच की तो पाया कि बाईपास रोड स्थित भवन आवासीय में स्वीकृत है। जब श्री पारस अस्पताल ने संचालन किया, तो अस्पताल के मानकों के मुताबिक बदलाव की स्वीकृति नहीं ली। इस पर एडीए उपाध्यक्ष ने श्री पारस अस्पताल को नोटिस जारी किया है। अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगा गया है। एडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि नोटिस का जवाब मिलने के बाद एडीए अगली कार्रवाई करेगा।
430 अस्पताल आवासीय भवनों में संचालित हो रहे
एडीए ने गेटवेल अस्पताल, होली केयर अस्पताल, सिकंदरा अस्पताल, चिरंजीवी नर्सिंग होम, सीताराम मेडिकेयर को नोटिस जारी किए। इनके अलावा 26 अस्पतालों को इस सप्ताह नोटिस जारी किए जाएंगे। शहर में 430 अस्पताल ऐसे हैं जो आवासीय भवनों में संचालित हो रहे हैं।