रोज 40 प्रतिशत भूजल की बर्बादी
लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मंगल सिंह ने बताया कि आरओ प्लांट में दोहित भूजल का 60 प्रतिशत शोधित होता है। बाकी 40 प्रतिशत पानी नालियों में बहकर बर्बाद होता है। प्लांट के लिए वॉटर रिचार्जिंग सिस्टम, फ्लो मीटर, पैजो मीटर, पंजीकरण व एनओसी अनिवार्य है। जिले में सभी तरह की बोरिंग पर प्रतिबंध है। बिना पंजीकरण कोई बोरिंग नहीं करा सकता। बोरिंग खोदाई करने वाली फर्मों को भी पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
ये प्लांट हुए सील
- लकी इंटरप्राइजेज, जीवनी मंडी
- बालाजी प्योर ड्रिकिंग वॉटर एंड चिलर, जीवनी मंडी
- जमनादास आरओ प्लांट, जीवनी मंडी
- अनिल कुमार आरओ प्लांट, राजीव नगर बल्केश्वर
- एक्वा कूल, अनुराग नगर, बल्केश्वर
- विनीत कुमार मदान बेबरेजर्स, रामबाग
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