सामूहिक दुष्कर्म मामले पर प्रेसवार्ता करते एसएसपी
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आगरा-दिल्ली हाईवे पर रिफाइनरी फ्लाईओवर के पास खड़े टैंकर में सामूहिक दुष्कर्म की वारदात करने वाले तीन आरोपी पुलिस ने पकड़ लिए हैं। कांशीराम कालोनी के मोड़ से पकड़े गए तीनों आरोपियों से लूटी नकदी, मोबाइल फोन और हथियार बरामद किए हैं। इनमें दो मथुरा के हैं, जबकि एक मध्यप्रदेश के दतिया का रहने वाला है।
इटावा के बकेवर से टैंकर में बैठकर गुरुग्राम जा रहा एक परिवार थाना रिफाइनरी के औरंगाबाद तिराहे के पास बदमाशों के जुल्म का शिकार हुआ था। बदमाशों ने खड़े टैंकर में पति और उसके दो बच्चों के सामने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था।
बदमाशों ने उनके मोबाइल फोन और नकदी भी छीन ली थी। इस घटना को रिफाइनरी पुलिस तो दबाए रही। कोसीकलां में पीड़ित पहुंचे तो मुकदमा लिखा गया। इस वारदात के खुलासे में छह टीमें लगाई गईं थीं।
दो आरोपी मथुरा के, एक मप्र का
शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में थाना रिफाइनरी की पुष्पांजलि कालोनी निवासी संजय जाट, थाना हाईवे के सुदामापुरी निवासी अंकित जाट और दतिया (मध्य प्रदेश) के मोहल्ला मंडी, इंदरगढ़ निवासी अजय चौहान को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी फरार है। वो थाना रिफाइनरी के गोपालपुरा निवासी प्रमोद बघेल है।
शातिर अपराधी है संजय, एक दर्जन हैं मुकदमे
पकड़ा गया संजय जाट शातिर अपराधी है। साल 2015 में अपराध की दुनिया में पैर रखने वाले संजय पर थाना हाईवे और रिफाइनरी में एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। यह मुकदमे लूट, चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर और जानलेवा हमले के हैं। फरार आरोपी प्रमोद बघेल पर भी सात मुकदमे हैं। यह अपराधी टेंपो चालक है।
सीओ रिफाइनरी राकेश कुमार ने बताया कि अजय और अंकित आवारा किस्म के हैं। इन पर फिलहाल कोई मुकदमा नहीं मिला। फिर भी दोनों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है। संजय और प्रमोद कुछ दिन पहले ही लूट के मामले में जेल से छूटे हैं। वहीं तीनों आरोपियों को लेकर पुलिस जिला अस्पताल पहुंची। यहां पर तीनों के डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल लिए गए हैं।
वहीं एसएसपी ने माना कि हाईवे पर पेट्रोलिंग के बाद भी इतनी बड़ी वारदात होना चुनौतीपूर्ण है। ऐसी वारदात की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रतिदिन हाईवे और एक्सप्रेसवे की सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी। कोताही बर्दास्त नहीं की जाएगी।