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रामलला से माफी मांगेंगे मुगलों के वंशज प्रिंस, बोले- राष्ट्रीय एकता के लिए बने राम मंदिर

Sun, 14 Oct 2018 08:25 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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प्रिंस तूसी और चक्रपाणी का स्वागत करते लोग - फोटो : अमर उजाला
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मुगलों का वंशज होने का दावा करने वाले प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन तूसी ने हिंदू-मुस्लिम एकता और देश की गंगा-जमुनी तहजीब की खातिर राम मंदिर निर्माण सुनिश्चित करने की पहल की है। वे अयोध्या जाकर रामलला से माफी मांगेंगे।
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शनिवार को अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चक्रपाणी के साथ यात्रा करते हुए छटीकरा पहुंचे तूसी ने कहा कि मुगलों का वंशज होने के नाते हम चाहते हैं कि 2019 से पहले रामलला भव्य मंदिर में विराजे। 

प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन तूसी बाबर का वंशज होने का दावा करते हैं। उन्होंने विवादित ढांचे को बाबरी मस्जिद का नाम देने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यदि वह जमीन बाबर की है तो वे इसके लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र देने को तैयार हैं। 
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उन्होंने कहा कि यदि भाजपा राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर साथ नहीं देगी तो वे किसी और पार्टी को इस मुद्दे पर साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। हालांकि उन्होंने साफ किया कि वे खुद राजनीति से दूर ही रहेंगे। 

वहीं हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणी ने कहा कि गो रक्षा ओर राममंदिर निर्माण के मुददे पर सरकार सो रही है। हम सरकार को जगाने का काम कर रहे हैं। इस मौके पर संगठन के तमाम लोग मौजूद रहे। 
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