धर्मांतरण का मामला (सांकेतिक तस्वीर)
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आगरा के शमसाबाद से 24 दिन पहले एक युवती का अपहरण कर लिया गया। इस मामले में उसके परिजनों ने दूसरे समुदाय के एक युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। बेटी को नाबालिग दर्शाया। मगर, पुलिस की जांच में हाईस्कूल की अंकतालिका के आधार पर वह बालिग निकली। अब परिजनों ने युवक पर युवती का जबरन धर्मांतरण कराकर निकाह कराने का आरोप लगाया है।
परिजनों के मुाताबिक, उनकी बेटी को पांच अगस्त को क्षेत्र का युवक ले गया था। पुलिस ने नौ अगस्त को मुकदमा दर्ज किया। इसमें पिता ने बेटी को नाबालिग दर्शाया। आरोप है कि पुलिस ने बरामदगी के प्रयास नहीं किए। रविवार को पिता ने आईजी और एसएसपी ऑफिस में प्रार्थनापत्र दिया। इसमें आरोप लगाया कि युवक और उसके घरवालों ने बेटी को जबरन धर्मांतरण कराकर निकाह कराया है। बेटी की बरामदगी की मांग की।
उधर, एसपी आरए पूर्वी के. वेंकट अशोक ने बताया कि अपहृत के नाबालिग होने की बात कही गई थी। मगर, शैक्षिक प्रमाणपत्र में वह बालिग निकली। युवती की बरामदगी और युवक की गिरफ्तारी के लिए टीम को लगाया गया है। युवती के बरामद होने पर कोर्ट में बयान दर्ज कराए जाएंगे। अगर, धर्मांतरण का आरोप सही निकलता है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।