मथुरा। संग्रहालय में एजेंसियों द्वारा कराए गए निर्माण कार्यों की जांच अब तकनीकी विशेषज्ञ करेंगे। लखनऊ से आए अधिकारियों ने इन कार्यों की जांच के लिए शासन स्तर की उच्च स्तरीय जांच समिति (टीएसी) से कराए जाने की बात कही है।
राजकीय संग्रहालय में समाज कल्याण निगम ने शौचालय, गेस्ट रूम, छत की रिपेयरिंग का कार्य कराया था। ये काम लगभग 76.76 लाख रुपये की लागत से हुए। कार्यों की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि संग्र्रहालय प्रशासन ने इन्हें सुपुर्दगी में लेने से इंकार कर दिया। एजेंसी ने छत की दीवारों पर अनावश्यक छेद कर दिए। इतना ही नहीं शौचालयों में पानी का कनेक्शन ही नहीं दिया। बोरिंग खराब होने के चलते आरओ सिस्टम भी शुरू नहीं हो सका।
इस मामले में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित की गई। पुरातत्व विभाग के अभियंता मनमोहन श्रीवास्तव बुधवार को लखनऊ से संग्रहालय आए। जांच समिति के सदस्य व संग्रहालय के उपनिदेशक डा. एसपी सिंह ने बताया कि निर्माण कार्यों की सही जांच तकनीकी विशेषज्ञ ही कर सकते हैं। ऐेसे में समिति ने शासन की टेक्निकल ऑडिट कमेटी (टीएसी) से जांच कराने की रिपोर्ट सीडीओ को सौंप दी है।