सिंधिया ने कहा कि कांग्रेसी प्रधानमंंत्री के आपातकाल लागू करने के इस दिन को संविधान हत्या दिवस घोषित करने का कारण यही है कि आने वाली पीढ़ियों को कांग्रेस की करतूतें याद रहें। कांग्रेस आज भी यही मानती है कि देश में सत्ता केवल एक ही परिवार के लोगों को मिलनी चाहिए। युवा पीढ़ी को यह बताना जरूरी है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए कितने लोगों ने यातनाएं सहीं। जेल काटी। लेकिन, कांग्रेस का रवैया नहीं बदला है।
सिंधिया ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 8 साल पहले तक गुंडाराज था लेकिन सीएम योगी ने प्रदेश को विकास के रास्ते में लाकर दिखाया है कि जनता क्या चाहती है। इसके पहले विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने आपातकाल में अपने जेल में बिताए दिनों के बारे में बताया। कहा कि आपातकाल में नाखून तक खिंचवा लिए गए। जबरन नसबंदी कराई गईं। केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने आपातकाल को लोकतंत्र का गला घोंटने वाला काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि लालू यादव और मुलायम सिंह यादव भी जेल गए, लेकिन मीसा भारती और टीपू सुल्तान किसके साथ बैठे हैं।
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इस दौरान क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय शाक्य, जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, विधायक डॉ. जीएस धर्मेश, पक्षालिका सिंह, अंजुला माहौर, जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू भदौरिया, हेमंत भोजवानी, सत्यदेव दुबे, मुनेंद्र जादौन, सुनील कर्मचंदानी, रोहित कत्याल, सुमित उपाध्याय आदि थे।
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इनका किया स्वागत
लोकतंत्र रक्षक सेनानी राजवीर सिंह, अश्वनी ग्रोवर, बनवारी लाल वर्मा, अशोक भाटिया, धनराज कर्मचंदानी, महेश चंद, नारायण सिंह, नरेंद्र जग्गा, जगदीश प्रसाद, अशोक कोटिया, कृष्णगोपाल कपूर, संजय गोयल, जगदीश प्रसाद, योगेंद्र कुमार शर्मा, गणेश चंद, पंकज भाटिया, राजेश कुमार महाजन, भुवनेश दत्त अरोरा आदि को सम्मानित किया गया।