फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ये है आशीष वशिष्ठ: 50 करोड़ रुपये की ठगी, फिर बुना ऐसा जाल; पुलिस और बैंक भी जिसमें उलझ गई

Fri, 24 Jul 2026 09:38 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

50 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का आरोपी आशीष वशिष्ठ नाम बदलकर आरव वशिष्ठ बन गया और नया आधार कार्ड बनवाकर करीब दो साल तक पुलिस से बचता रहा। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसके बैंक खातों, संपत्तियों और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की जांच कर रही है।
 
विज्ञापन
आरोपी आशीष वशिष्ठ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा में 50 करोड़ ठगी का आरोपी सदर के कल्याण सिटी निवासी आशीष वशिष्ठ ने पुलिस और बैंक से बचने के लिए अपना नाम बदल लिया था। आरोपी ने राजपत्र में अपना नाम आरव वशिष्ठ करा लिया था। इसके माध्यम से आधार कार्ड भी बनवा लिया। पुलिस ने उसकी कुंडली खंगाली है। उस पर चार प्राथमिकी पहले से दर्ज हैं। अब पुलिस उसके बैंक खातों की डिटेल भी निकलवा रही है। गिरोह से जुड़े पांच और सदस्यों के नाम सामने आए हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  UP: लेडी लॉयल अस्पताल, सीएम ग्रिड रोड, नाले और वूमेंस हॉस्टल; जानिए आगरा को क्या-क्या देंगे CM योगी


डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि आशीष वशिष्ठ और उसके साथी उधम सिंह नगर निवासी रजत को साइबर ठगी के मामले में बुधवार को गिरफ्तार किया था। आरोपी दिल्ली और गाजियाबाद समेत कई राज्यों के साइबर अपराधियों के संपर्क में थे। आरोपियों ने फर्जी तरीके से जन सेवा केंद्र खोला था। वो ई-वालेट में ठगी की रकम मंगवाते थे। इस रकम से लोगों के बिजली और मोबाइल बिल भरते थे। इसके साथ ही ट्रेन और हवाई टिकट भी खरीदते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  ये है आगरा का वीआईपी रोड: सात घंटे रेंगते रहे वाहन, भीषण जाम से जूझे लोग; डायवर्जन ने बढ़ाईं मुश्किलें

खाते से मिली अहम जानकारी
आरोपियों के खातों की जानकारी मिली है। इनमें जमा रकम की जानकारी की जा रही है। आशीष वशिष्ठ पर सदर, मलपुरा के अलावा जौनपुर और गुरुग्राम में प्राथमिकी दर्ज हुई थीं। आशीष ने दो साल पहले राजपत्र में नाम बदलने के लिए आवेदन किया था। अपना नाम आशीष से आरव वशिष्ठ कर लिया। इस कारण ही पुलिस से बचता रहा।

ये भी पढ़ें -  UP: नकली दवा रैकेट पर सबसे बड़ा प्रहार, थोक के नए लाइसेंस पर भी लगी रोक; 58 पुराने किए गए निरस्त
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें