मथुरा। जिला विद्यालय निरीक्षक ने जनपद के 14 परीक्षा केंद्रों पर एक बार फिर केंद्र व्यवस्थापक बदल दिए हैं। इन केंद्रों की परीक्षा व्यवस्था पर वर्तमान केंद्र व्यवस्थापकों का नियंत्रण न होने संबंधी विभिन्न प्रशासनिक रिपोर्ट के बाद यह फैसला लिया गया है।
हालांकि केंद्र व्यवस्थापक के रूप में नवीन तैनाती भी सवालों के घेरे में है। डीआईओएस ने सीनियर शिक्षकों के बावजूद जूनियर को यह कठिन दायित्व सौंप दिया है।
जनपद में 128 केेंद्रों पर संचालित हो रहीं उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं में नकल रुकने का नाम नहीं ले रही है। परीक्षा केंद्र बने अनेक प्राइवेट विद्यालयों में नकल का खेल जारी है। उत्तर पुस्तिकाएं भी बदली जा रही हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा व्यवस्था में नियंत्रण करने में नाकाम रहे 14 केंद्र व्यवस्थापक हटा दिए गए हैं। अब उनके स्थान पर नवीन तैनाती की गई है। डीआईओएस केपी सिंह नवीन केंद्र व्यवस्थापकों को तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के भी निर्देश दिए हैं।
हालांकि नवीन केंद्र व्यवस्थापकों के चयन को लेकर डीआईओएस सवालों के घेरे में हैं। बदले गए 14 नवीन केंद्र व्यवस्थापकों में अनुदानित कालेजों के सीनियर शिक्षकों को दायित्व सौंपने के बजाए सहायक अध्यापकों को केंद्र व्यवस्थापक बना दिया गया है। जबकि जनपद के 35 अनुदानित कालेजों के प्रधानाचार्य परीक्षा दायित्व से पूरी तरह मुक्त हैं। इसके अलावा इन अधिकांश कालेजों के प्रवक्ता भी परीक्षा दायित्व से मुक्त हैं।