आध्यात्मिक गुरु श्रीश्रीरविशंकर
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वृंदावन (मथुरा)। राम मंदिर मामले में स्वैच्छिक मध्यस्थता के निर्णय पर कांग्रेस पार्टी द्वारा की जा रही आलोचना के बीच मंगलवार को आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर एक धार्मिक कार्यक्रम में सहभागिता करने वृंदावन पहुंचे। धर्मनगरी में उनके आगमन को लेकर इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि वे मध्यस्थता मामले में समर्थन जुटाने के लिए पहुंचे हैं।
लता भवन में उन्होंने राधा वल्लभ संप्रदाय से जुड़े संत सेवक शरणदास, टटिया स्थान से जुड़े बाबा मदन बिहारीदास, राधा वल्लभ मंदिर के सेवायत सुकृत गोस्वामी, जेएसआर मधुकर, गुनाकरजी आदि से 20 मिनट तक वार्ता की। पूछने पर संत सेवक शरण ने कहा कि आज श्रीश्री रविशंकर यहां आध्यात्मिक समारोह में भाग लेने आए थे। उन्होंने कहा कि वृंदावन निकुंज उपासना की भूमि है और श्रीश्री यहां इसी दिव्य रस की अनुभूति करने वृंदावन की धरा पर आए थे। वे अपने अध्यात्मिक प्रचारों में वृंदावन के दिव्य रस की चेतना को विश्व स्तर पर फैलाने का प्रण लेकर गए हैं।
इससे पूर्व श्रीश्री रविशंकर ने अपने अनुयायियों को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रज और वृंदावन रस की भूमि है। यहां तप और रस का संगम है। रसिक संतों की इस भूमि पर आए सभी भक्तों का मंगलमय हो मैं ठाकुरजी से प्रार्थना करता हूं। इस रस भूमि श्री धाम वृंदावन में आए श्रद्धालु यहां आनंद लें। इसके बाद भजन गायक विनोद अग्रवाल और धीरज बावरा ने राधा वल्लभीय हित हरिवंश संप्रदाय के पदों का गायन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
गायक जेएसआर मधुकर ने जय जय राधा वल्लभ श्रीहरिवंश, श्री वृंदावन श्रीवंशचंद भजन सुनाया। इससे पूर्व श्रीश्री रविशंकर के लता भवन में उनके अनुयायियों ने पुष्प वर्षा कर व आरती उतारकर स्वागत किया।