मथुरा। गोवर्धन वन क्षेत्र में अवैध निर्माण को विकास प्राधिकरण जल्द ही चिह्नित कर ढहाएगा। चिन्हीकरण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी। ऐसे सर्वाधिक निर्माण गांव आन्यौर के आसपास हैं। परिक्रमा मार्ग से अवैध निर्माण को हटाने की यह कार्रवाई एनजीटी ने आदेश पर की जा रही है।
एनजीटी ने गोवर्धन परिक्रमा के वन क्षेत्र में अवैध निर्माण पर शिकंजा कस दिया है। इसके लिए तहसील, विकास प्राधिकरण, वन विभाग को परिक्रमा क्षेत्र की जमीन को कब्जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके बाद मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने गोवर्धन की छोटी परिक्रमा मार्ग में अवैध निर्माण को तो चिह्नित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी, लेकिन बड़ी परिक्रमा मार्ग में अभी तक इनके चिन्हीकरण की कार्रवाई नहीं हो पाई है। बड़ी परिक्रमा मार्ग में सर्वाधिक ऐसे निर्माण गांव आन्यौर के आसपास हैं। एनजीटी के आदेश के बाद परिक्रमा मार्ग किनारे अतिक्रमण कर चुके लोगों के माथे पर पसीना आ रहा है।
ज्ञात रहे कि यह वह निर्माण हैं जो कि 2010 के बाद कराए गए हैं। इन्हीं अतिक्रमणों को प्राधिकरण की ओर से ध्वस्त किया जाना है। विकास प्राधिकरण के सचिव रमेश चंद ने बताया कि जल्द ही गोवर्धन की बड़ी परिक्रमा मार्ग में चिन्हीकरण कर कार्रवाई की जाएगी।