फिरोजाबाद। कांच उत्पादन बढ़ाने के लिए गैस का कोटा बढ़ाने की मांग कर रही छह इकाइयों के संबंध में शुक्रवार को आगरा में टीटीजेड में सुनवाई हुई, जिसमें उद्यमियों को कोई राहत नहीं मिल सकी।
टीटीजेड में नई इकाइयों की स्थापना और क्षमता विस्तार पर तीन साल से प्रतिबंध लगा हुआ है। ऐसी स्थिति में कई इकाइयां अपनी क्षमता के अनुरूप उत्पादन नहीं कर पा रही हैं। गैस कोटा बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही हैं। आधा दर्जन इकाइयों ने हाईकोर्ट की शरण भी ली लेकिन मामला टीटीजेड पर डाल दिया। हाइकोर्ट के आदेश के अनुपालन में टीटीजेड में सुनवाई हुई। मंडलायुक्त के राममोहन राव ने गैस का कोटा बढ़ाने की मांग कर इकाइयों की सुनवाई की।
उन्होंने कहा कि जो इकाइयां गैस का कोटा बढ़ाने की बात कर रही हैं वह पहले अपने इकाइयों के पार्टनरों के नामों की सूची उपलब्ध कराएं। उद्योग विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन इकाइयों की यह जांच करें किस इकाई की भट्ठी का साइज कितना है, क्षमता कितनी है। यदि क्षमता के अनुरूप भट्ठी बनी हुई तो गैस का कोटा नहीं बढ़ाया जाएगा। अपनी इकाइयों के पार्टनरों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।