फिरोजाबाद। गांव बासठ में एक सप्ताह से बिजली-पानी संकट से त्रस्त आक्रोशित लोगाें पेड़ तोड़कर, खाली बर्तन रखकर फतेहाबाद मार्ग पर जाम लगा दिया। आक्रोशित महिला-पुरुष और बच्चों ने मटके फोड़कर सड़क पर हंगामा प्रदर्शन किया। हंगामे और जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया लेकिन लोग नहीं माने। बाद में, एसडीएम के आश्वासन पर लोगों ने तकरीबन दो घंटे बाद जाम खोला।
गांव बासठ के निकट रेलवे फ्रैट कॉरीडोर निर्माण कार्य चल रहा है। जेसीबी से खोदाई के दौरान विद्युत विभाग के अंडरग्राउंड केबल कटने के कारण गांव बासठ की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। कई बार शिकायत के बाद भी आपूर्ति सुचारु नहीं कराई गई। एक सप्ताह से विद्युत आपूर्ति नहीं होने से पेयजल संकट खड़ा हो गया। ऐसे में सोमवार को लोगों का धैर्य जवाब दे गया। दोपहर करीब दो बजे फतेहाबाद मार्ग पर पेड़ तोड़कर व खाली बर्तन रखकर मार्ग को मार्ग जाम कर दिया।
आक्रोशित महिला-पुरुष और बच्चे करीब डेढ़ घंटे तक फतेहाबाद मार्ग को जाम किए रहे। लोगों का कहना था कि पहले बिजली-पानी की समस्या दूर कराई जाए, तभी जाम खोला जाएगा। सूचना पर एसडीएम सदर अंबरीश कुमार बिंद भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने एक्सईएन ग्रामीण को फोन कर केबल दुरुस्त कराने की बात कही। वहीं पेयजल समस्या के निदान के लिए एसडीएम ने कई बार नगर आयुक्त को फोन किया, परंतु उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
एसडीएम ने जल्द विद्युत और पेयजल समस्या दूर कराने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। इस दौरान प्रदीप कुमार, डा. अतुल प्रकाश, आरएस वर्मा, विनय, राजकुमार, अमर सिंह, रमेश, अटल प्रकाश, गुड्डी देवी, राजबेटी, जावित्री, मनीषा गौतम, कमला, सुरेश, रामखिलाड़ी आदि मौजूद रहे।
एसओ द्वारा अभद्रता, धक्का-मुक्की पर भड़की जनता
एसडीएम के जाने के बाद थाना दक्षिण एसओ ने लोगों से अभद्रता एवं धक्कामुक्की कर दी और धमकाया कि सड़क से हटो नहीं तो हाथ-पैर तोड़ दिए जाएंगे। यह सुनते ही जनता भड़क गई। महिलाओं ने एसओ को खरी-खोटी सुनाते हुए सड़क पर फिर जाम लगा दिया। इस दौरान एक महिला भी बेहोश गई।