मैनपुरी। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बेहाल है। अकेले जिला अस्पताल की बात करें तो यहां न तो पर्याप्त दवाएं हैं और न ही पर्याप्त डाक्टर। वहीं जिन डाक्टरों के सहारे अस्पताल चल भी रहा है। उनमें भी आधे डाक्टरों के स्थानांतरण के लिए सीएमएस ने संस्तुति कर दी है। जबकि जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1000 से लेकर 1500 तक रोगी आते हैं। अब छह डाक्टर जाने के बाद मात्र छह के सहारे कैसे अस्पताल चलेगा इसका अंदाजा स्वयं लगाया जा सकता है।
जिला अस्पताल में पहले से ही डाक्टरों के सृजित 30 पदों के सापेक्ष मात्र 12 डाक्टर तैनात हैं। इनमें से छह डाक्टरों ने सीएमएस डा. एके उपाध्याय को स्थानांतरण के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। इस पर सीएमएस ने संस्तुति कर दी है। सब कुछ सही रहा तो यह छह डाक्टर एक या दो दिन में स्थानांतरित कर दिए जाएंगे। फिर मात्र छह डाक्टरों के सहारे कैसे जिला अस्पताल चलेगा यह प्रश्न उठना लाजमी है। इन छह डाक्टरों के जाने के बाद जिला अस्पताल में मरीजों के सामने उपचार का संकट खड़ा हो जाएगा।
नहीं रुका स्थानांतरण तो होगी परेशानी
जिला अस्पताल में डाक्टरों की कमी के चलते आए दिन बवाल होता रहता है। यदि इन छह डाक्टरों का स्थानांतरण हो गया तो मरीजों को भी संकट का सामना करना पड़ेगा।
इन डाक्टरों के स्थानांतरण की संस्तुति की
सीएमएस डा. एके उपाध्याय ने जिला अस्पताल में तैनात फिजीशियन डा. धर्मेंद्र कुमार, सर्जन डा. गौरव पारिख, त्वचा रोग विशेषज्ञ डा. गौरांग गुप्ता, नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. पीके झा, बेहोशी के विशेषज्ञ डा. एसपी सिंह, डा. पीके दुबे द्वारा मांगे गए स्थानांतरण पर संस्तुति की है। जबकि जिला अस्पताल मेें सर्जन, नेत्र रोग विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ एक ही हैं। इनके जाने के बाद यह पद खाली हो जाएंगे।
डीएम यशवंत राव ने कहा कि अस्पताल में डाक्टरों की तैनाती के लिए शासन को लिखा गया है। जब तक नए डाक्टर नहीं आ जाते तब तक कोशिश रहेगी कि इन डाक्टरों का स्थानांतरण न किया जाए।