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50 लाख की निधि से शहर में लगेंगे खुफिया कैमरे

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सीसीटीवी
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एटा। शहर बहुत जल्द तीसरे नेत्र (सीसीटीवी कैमरे) की निगरानी में होगा। इसके लिए सदर विधायक ने एसएसपी की पहल पर 50 लाख रुपये का बजट देने का ऐलान किया है। शहर में लगने वाले सीसीटीवी कैमरे बिना तार के वाईफाई से कनेक्ट होगे। जिनकी मॉनीटरिंग पुलिस के कंट्रोल रूम से पुलिस करेगी।
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शहर में होने वाली कोई भी गतिविधि पर पुलिस की पैनी नजर होने के लिए एसएसपी अशीष तिवारी ने नई पहल शुरु की है। जिसे लेकर उन्होंने सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड से शहर को सीसीटीवी कैमरे से लैस होने की बात कही थी। जिस पर अमल करते हुए सदर विधायक ने शहर में लगने वाले खुफिया कैमरों के लिए प्रशासन को प्रस्ताव भी सौंप दिया है। साथ ही जलेसर, मारहरा और अलीगंज विधायक ने भी कैमरों के लिए दस-दस लाख रुपये की निधि देने की बात कही है। एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि शहर के साथ ही जलेसर, अलीगंज और मारहरा में भी विधायक निधि से कैमरे लगवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन कैमरों में तार या केबल लगाने का सिस्टम नहीं होगा। इन खुफिया कैमरों को सीधा वाईफाई से जोड़ा जाएगा। शहर को तीसरी आंख की निगरानी में करने के लिए आरएएस को प्रक्रिया शुरू करने का कहा गया है।

अलग-अलग होगा कंट्र्रोल रुम
एटा। एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि इन खुफिया कैमरों की निगरानी के लिए अलग-अलग कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। जिसमें शहर का पुलिस कंट्रोल में और अलीगंज सर्किल का थाना अलीगंज, जलेसर सर्किल का जलेसर और मारहरा थाना में कस्बा वाले सीसीटीवी कैमरों का सेंटर बनाया जाएगा। इन सेंटरों पर पुलिस हर गतिविधि पर नजर रखेगी। साथ ही तीनों विधान सभाओं में बनने वाले कंट्रोल रुम का नाम भी एसएसपी अलग-अलग रखा है। जिसमें शहर की ईगल, अलीगंज वॉच डॉग और जलेसर में आंखें कंट्रोल रूम (परियोजना) के नाम रखे है।
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अंधेरे में साफ आएगा चेहरा
एटा। जिले भर में लगने वाले खुफिया कैमरे विशेष प्रकार के होगे। जिनमें दिन के साथ ही रात को अंधेरे में भी तस्वीर साफ दिखाई देगी। इतना ही नहीं लगाने वाली कंपनी का दस साल तक उनकी देखरेख का भी जिंमा सौंपा जाएगा।
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