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आगरा में भी लगते रहे 'खाकी' पर दाग: 20 माह में 17 पुलिसकर्मी बर्खास्त, अब दागी किए जा रहे चिन्हित

Sat, 02 Oct 2021 12:21 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

गोरखपुर में पुलिस की पिटाई से कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की मौत के बाद एक बार फिर दागी पुलिसकर्मियों को चिन्हित किया जा रहा है। इससे महकमे में खलबली मची हुई है।
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पुलिस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोरखपुर में कानपुर के व्यापारी की मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस विभाग से दागी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की छुट्टी करने के निर्देश दिए हैं। ताजनगरी की बात करें तो यहां पुलिसकर्मियों पर कई बार दाग लग चुके हैं। विगत 20 महीने में 17 पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। 

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एसएसपी मुनिराज जी. ने बताया कि 20 महीने में बर्खास्त 17 पुलिसकर्मियों पर मारपीट, वसूली, ब्लैकमेलिंग, शराब पीने, गैरहाजिर रहने सहित मुकदमे दर्ज थे। अब जिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत हैं, उनकी फाइल का अवलोकन किया जा रहा है। सूची बनाई जा रही है। आरोपों से घिरे पुलिसकर्मियों को चिह्नित करके आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

वर्ष 2020 से अगस्त, 2021 तक इन पर हुई कार्रवाई
- सिपाही अमित कुमार की पत्नी ने आत्महत्या की थी। वो ड्यूटी से अनुपस्थित रहा था।
- सिपाही केशव देव व भानू प्रताप सिंह ने मथुरा के व्यापारी से लूटपाट की थी। जेल भेजे।
- सिपाही कवि चौधरी व दीपक सोलंकी पर ब्लैकमेल करने आरोप, मुकदमा लिखा गया था। 
- सिपाही स्वतंत्र कुमार ड्यूटी से अनुपस्थित रहे। शराब पीकर बेसुध पड़े मिले।
- फॉलोअर संजय सिंह को ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के कारण बर्खास्त किया गया।
- सिपाही रमेश बाबू ने शराब के नशे में लोगों से अभद्रता की। निलंबन अवधि में बिना अनुमति अवकाश लिया।
- सिपाही गौरव चौधरी लोकसभा चुनाव में गैरहाजिर हुए। शराब सेवन कर हंगामा करते मिले। इंसास रायफल, दस कारतूस, चार खोखे मिले। मुकदमा दर्ज किया गया।
- सिपाही नाहर सिंह मैनपुरी से आगरा तैनाती होने के बाद अनुपस्थित रहे।
- सिपाही फिरोज खान पुलिसलाइन से थाना कागारौल स्थानांतरित होने पर आमद नहीं कराई। अनुपस्थित रहे।
- सिपाही हरिओम पर महिला को शादी का झांसा देकर एक साल तक शारीरिक शोषण करने का आरोप लगा।
- सिपाही योगेंद्र कुमार और सिपाही राहुल प्रताप अवकाश पर जाने के बाद लगातार गैरहाजिर रहे।
- एसआई चरन सिंह पर शादीशुदा होते हुए दो महिलाओं से संबंध बनाने के आरोप लगे।
- फॉलोअर रामकिशन थाना खेरागढ़ पर नियुक्ति के दौरान लगातार अनुपस्थित रहे।
- मुख्य आरक्षी चालक रामब्रेश चरित्र पंजिका में अंकित जन्मतिथि फर्जी होने के आरोप लगे।

मारपीट के दोषी दरोगा पर कार्रवाई नहीं
नौ अगस्त को एचआरसी होरीजोन कॉलोनी निवासी शाहगंज थाना के दरोगा आकाश सोलंकी पर कॉलोनी के रहने वाले लवकुश शर्मा, संतोष शर्मा, कौशल भार्गव और नरेश शर्मा ने मारपीट का आरोप लगाया था। एसएसपी से शिकायत की थी। सीओ लोहामंडी की जांच में दरोगा को दोषी पाया गया। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। 

मुंशी से मारपीट, 23 हजार रुपये छीने
सितंबर, 2020 में डीजल के ड्रम लेकर जा रही मेटाडोर को रुनकता पुलिस चौकी पर रोका गया था। आरोप लगा था कि पुलिस ने रुपयों की मांग की। कागजात होने के बावजूद गाड़ी को सीज कर दिया। इसके बाद तेल व्यवसायी के मुंशी को चौकी में लाकर पीटा था। उससेे 23 हजार रुपये छीन लिए गए। शिकायत एडीजी अजय आनंद से की गई। चौकी प्रभारी सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया।

हिरासत में राजू गुप्ता की हुई थी मौत
गैलाना स्थित नरेंद्र एन्क्लेव निवासी रेनू लता के बेटे राजू की नवंबर, 2018 में सिकंदरा पुलिस की हिरासत में मौत हो गई थी। पुलिस उन्हें पड़ोसी के घर में चोरी के आरोप में पकड़कर ले गई थी। मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था। एक दरोगा को जेल जाना पड़ा था। जमानत पर बाहर आने के बाद दरोगा अब भी कार्यरत है। पीड़ित की मां की भी मौत हो चुकी है।
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पत्नी पर निरीक्षक ने चलाई थी गोली
आगरा में तैनात निरीक्षक सुनील दत्त पर मेरठ में पत्नी पर गोली चलाने का आरोप लगा था। निरीक्षक का पत्नी से विवाद चल रहा है। पत्नी की तहरीर पर निरीक्षक के खिलाफ जानलेवा हमला, मारपीट की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था।

ये भी लगे हैं आरोप
एक निरीक्षक और महिला दरोगा के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत हुई। उनके खिलाफ जांच हुई। इसकी फाइल एसपी क्राइम के कार्यालय से चोरी हो गई। जहरीली शराब से मौत के मामले में नौ पुलिसकर्मी निलंबित किए गए। पुलिसकर्मियों पर खनन माफिया से मिलीभगत के आरोप लग चुके हैं। 
 
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