मथुरा। कोसीकलां, नंदगांव, बरसाना, गोवर्धन मार्ग के ‘जख्म’ फिर हरे हो गए हैं। पीडब्ल्यूडी की ओर से 20 करोड़ की लागत से इन मार्गों की मरम्मत कराई गई थी। लेकिन शुरुआती बारिश में ही गिट्टियां निकल आई हैं। ये स्थिति खुद सीडीओ के निरीक्षण के दौरान सामने आई। सीडीओ ने कई और सड़कों के निर्माण में खामियां पकड़ी हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से 15 जून तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का निर्देश दिया गया था। इस पर हुए अमल की जांच सीडीओ के स्तर से की गई। इसमें पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर और ठेकेदारों का घालमेल सामने आया है। मानसून की पहली-दूसरी बरसात के बाद ही सड़कों की हालत खस्ता हो गई है।
सीडीओ यशु रुस्तगी ने बताया कि कोसीकलां, नंदगांव, बरसाना, गोवर्धन रोड की जांच में बड़ी अनियमितता सामने आ रही है। 20 करोड़ से अधिक की लागत से बनी इन सड़कों में नंदगांव के पास जगह-जगह इंड्यूलेशन(डबक) हो गई है। भरे गए गड्ढों से भी गिट्टी निकल रही हैं।
इसके अलावा प्रांतीय खंड की ओर से नेशनल हाईवे से बढ़ौता संपर्क मार्ग को 1,300 मीटर के दायरे में गड्ढा मुक्त किया गया है। यहां 200 मीटर गांव में सीसी सड़क भी बनाई है। इस पर 25 लाख से अधिक का खर्चा बताया गया है। जांच के दौरान सड़क पर बिछाई गई बिटुमिन प्री मिक्सिंग (लेपन कार्य) की क्वालिटी बहुत घटिया मिली है।
पहली बरसात में ही गिट्टियां निकल रही हैं। साथ ही सीसी सड़क की मोटाई कम पाई गई है। उसमें भी सीमेंट की मात्रा कम बताई जा रही है। सड़क में प्रयुक्त की गई निर्माण सामग्री के नमूने अलीगढ़ स्थित प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।