मथुरा। पांच दिन से लापता चालक की गला दबाकर हत्या करके शव आर्य समाज रेलवे फाटक के ट्रैक के पास फेंका गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की माने तो शव दो से तीन दिन पुराना है। आठ जून को उसे घूमते देखा गया, यह हम नहीं, बल्कि कोतवाली पुलिस छानबीन के बाद कह रही है। अब कौन झूठ बोल रहा है और कौन सत्य यह पुलिस जांच के बाद ही खुलासा हो सकेगा।
थाना जमुनापार के लक्ष्मीनगर बगीचा निवासी पवन कुमार गौतम (35) पुत्र नेत्रपाल गौतम पेशे से चालक था। चार जून को घर से निकला चालक घर नहीं लौटा। नौ जून को आर्य समाज रेलवे ट्रैक के पास चालक का शव मिलने से सनसनी फैली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की माने तो चालक की गला दबाकर हत्या की गई।
उसके बाद शव को रेलवे ट्रैक के पास फेंका गया। कोतवाली पुलिस की शुरुआत की छानबीन में यह तथ्य सामने आया है कि आठ जून को चालक को देखा गया, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दो से तीन दिन पुराना शव बताया गया है। अब सवाल खड़ा होता है कि आखिर सही कौन है। कोतवाली पुलिस को अनसुलझी कड़ियों को जोड़ते हुए हत्याकांड का खुलासा करने में पूरा जोर लगाना होगा। कोतवाली प्रभारी अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि आठ जून उसे घूमते देखा गया है। गला घोंटकर हत्या किया जाना पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया है। जल्द ही हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।