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समान पक्षी विहार में विकसित होगा इको टूरिज्म

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मैनपुरी। समान पक्षी विहार में अब ईको टूरिज्म विकसित होगा। इससे पर्यटकों को दूर जाने की जरुरत नहीं होगी। वन विभाग ने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा है। शासन स्तर पर ही इस योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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वन विभाग ने समान पक्षी विहार को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 500 हेक्टेयर क्षेत्र के वेटलैंड का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इस प्रस्ताव पर शासन से मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू होगा। जिससे जिले के लोगों को भी ईको टूरिज्म की सुविधा मिलेगी। सुविधाएं मिलने के बाद वहां प्रवासीय पक्षियों की संख्या भी बढ़ेगी।

वेटलैंड में ही प्रवासीय पक्षियों के खाने, पीने और ठहरने की सुविधाएं मिलती हैं। वहीं, उथली झील में रुकने वाले प्रवासीय पक्षी जलीय कीड़े और खर पतवारों का भोजन करते हैं। पर्यटन स्थल बनने के बाद जहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं लोगों को ईको टूरिज्म का लाभ भी मिलेगा।
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सुविधाएं मिलने के बाद भूगर्भ जल का स्तर भी बढ़ेगा जो जिले के लिए सहायक सिद्ध होगा। वेटलैंड वाले क्षेत्र के समीपवर्ती क्षेत्रों में भी भूगर्भ जलस्तर अपेक्षाकृत ज्यादा बढ़ेगा।

शासन की मंशा के तहत वेटलैंड को ही इस योजना में विकसित किया जाना है। समान पक्षी विहार को मानक पूरे होने पर चयनित किया गया है। घिरोर क्षेत्र में कोसोन झील, मार्कडेंय ऋषि का तालाब मानक पूरे नहीं करने की स्थिति में योजना में शामिल नहीं किए जा सके हैं। दोनों का क्षेत्रफल लगभग 40 हेक्टेयर ही है।

ईको टूरिज्म की श्रेणी में आने के बाद समान पक्षी विहार में वाच टावर विकसित किए जाएंगे। पर्यटकों की सुविधा के लिए आधुनिक सुविधाओं वाले पार्क और शौचालय भी बनाए जाएंगे। पर्यटन स्थल की ओर जाने वाली सड़कों का विस्तार और चौड़ीकरण भी होगा।

उप प्रभागीय वनाधिकारी पीके उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश के दो वेटलैंड को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल बनाने की योजना है। इस संबंध में मंागे गए मास्टर प्लान को शासन को भेजा है। समान पक्षी विहार के संरक्षण और विकास का प्लान भी तैयार किया गया है। पर्यावरणीय संरक्षण के साथ ही ईको टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।
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