फिरोजाबाद। रेलवे स्टेशन स्थित ओवरब्रिज की साइड रेलिंग पर चढ़े युवक को नीचे उतारने में जीआरपी और आरपीएफ के साथ रेल प्रशासन को पसीना आ गया। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद ही युवक को नीचे उतारा जा सका। युवक बिजली के तारों पर छलांग लगाने की चेतावनी दे रहा था। युवक के नीचे उतरने पर राहत मिली। जीआरपी युवक को घर भेजने के लिए संपर्क कर रही है।
घटनाक्रम रविवार अल-सुबह चार बजे का है। एक युवक रेलवे स्टेशन पर बने ओवर ब्रिज की साइड रेलिंग पर चढ़ गया। लोगों की नजर पड़ी तो भीड़ एकत्र हो गई। हर कोई उसे बिजली के तारों में करंटट का हवाला देकर नीचे उतरने की कह रहा था, लेकिन उस पर कोई असर नहीं पड़ रहा था।
सर्द मौसम में नीचे गिरने की चिंता भी सता रही थी। सूचना पर आरपीएफ और जीआरपी के सीओ को दी गई तो फोर्स एकत्र हो गया। जीआरपी टीम ने फायर ब्रिगेड के एफएसओ लाखन सिंह को सूचना दी तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंच गई, लेकिन युवक नहीं उतरा। वो हिंदी भाषा नहीं समझ पा रहा था। नई बस्ती निवासी सरदार नवजीत सिंह पहुंचे। उन्होंने पंजाबी में बात की।
करीब आधा घंटे तक पंजाबी भाषा में समझाने के बाद वो उतरने को तैयार हो गया। सुबह पौने आठ बजे उसने नीचे उतरने के बाद अपना नाम फतेहसिंह पुत्र जगदीप सिंह निवासी पंजाब प्रांत मलेयर कोटला लुधियाना बताया। जीआरपी थाना के प्रभारी अतर सिंह ने बताया कि युवक के परिवारीजनों से संपर्क किया है। परिजनों के आने पर स्थिति स्पष्ट होगी। युवक पंजाब से किसी ट्रेन से फिरोजाबाद दो दिन पूर्व आया था।
युवक के साइड रेलिंग पर चढ़ने के दौरान दिल्ली और कानपुर की ओर जाने वाली ट्रेनों का समय था। इसके चलते स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ थी। यात्री नजारे को देखने के लिए एकत्र हो गए। जीआरपी एवं आरपीएफ को यात्रियों केा हटाने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही थी।
जीआरपी एवं आरपीएफ स्टाफ रेलिंग पर चढ़े युवक को उतारने का प्रयास कर रहे थे। इस दौरान कई बार युवक सीधे ट्रेन पर कूदने तो बिजली के तारों पर कूदने की धमकी देने लगा। नीचे उतारने के बाद पूछताछ से स्पष्ट हो गया कि वह मंदबुद्घि का है।