कासगंज/पटियाली। गोरहा से फर्रुखाबाद की ओर बहने वाली नहर पटियाली क्षेत्र के ग्राम रामनगर के समीप कट गई। इससे आधा दर्जन ग्रामों के किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। वहीं रंपुरा और धुमरी मार्ग भी अवरुद्ध हो गया। नहर विभाग के द्वारा बांध लगाकर नहर का पानी रोका गया। उपजिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर कार्य का निरीक्षण किया।
मंगलवार की देर रात्रि ग्राम रामनगर के निकट नहर की 20 फुट चौड़ी पटरी कट गईं जिससे रंपुरा से धुमरी जाने वाला रोड अवरूद्ध हो गया। जिसे मिट्टी डालकर ठीक किया जा रहा है। नहर से पानी तेजी से किसानों के खेतों में घुसने लगा। मामले की जानकारी नहर विभाग के अधिकारियों को दी गई। जानकारी मिलते ही नहर विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। नहर के कटाव पर बांध लगाने के लिए जेसीबी से मिट्टी खोदाई कर डाली गईं। वहीं मजदूरों के द्वारा मिट्टी की बोरियां भरकर पानी के बहाव को रोका गया।
उपजिलाधिकारी धीरेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर नहर के कटाव को रोकने के लिए किए गए कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग के एसडीओ एवं अवर अभियंता को कार्य तेजी से कराए जाने के निर्देश दिए। नगला लक्ष्मन के किसान राजवीर सिंह, राम किशोर एवं रामनगर के किसान श्रीपाल, हरिचंद्र, ओमपाल ने कहा कि पटरियों को मजबूत बनाया जाए जिससे दोबारा कटान न हों।
नहर के कट जाने से किसानों की फसलें पानी में डूब गई हैं। यदि मौसम कोहरा का बना रहा और धूप न निकली तो पानी नहीं सूखेगा और किसानों की फसले बर्बाद हो जाएंगी। किसानों को इसका मुआवजा दिया जाए
- किसान भूपङ् सिंह, निवासी नगला लक्ष्मण
फसलों के जलमग्न होने से किसानों की फसलें बर्बाद हुई तो किसान भी बर्बाद हो जाएगा। बड़ी मुश्किलों से फसलों को बोया था। अब जलमग्न देखकर किसान काफी परेशान हैं।
किसान राकेश, ग्राम रामनगर
इन गांवों के खेतों में भर गया
आसपास के ग्राम नगला लक्ष्मन, रामनगर, नगला, नगला नवल, परतापुर, करसना के किसानों की गेहूं, सरसों की फसलों के खेत जलमग्र हो गया। जब किसानों ने खेतों को जलमग्र देखा तो वह परेशान हो गए।