मथुरा। मुड़िया पूर्णिमा मेले में पुलिस और प्रशासन की व्यस्तता को देखते हुए शासन ने जिले को वीआईपी प्रोटोकाल से मुक्त कर दिया है। 20 से 30 जुलाई तक अगर कोई मंत्री या वीआईपी मथुरा पहुंचता है तो उसे वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया जाएगा। शासन ने वीआईपी से अपील भी की है कि इस दौरान मथुरा न जाएं तो बेहतर है। अफसरों से कहा गया है कि वह फिलहाल मेले को देखें।
मथुरा में 22 जुलाई से मुड़िया पूर्णिमा मेला शुरू हो रहा है। 27 जुलाई तक चलने वाले इस मेले में लाखों भक्त गोवर्धन पहुंचकर गिरिराज जी की परिक्रमा लगाते हैं। मेले की व्यवस्था बनाने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया जा रहा है। मथुरा के साथ ही आसपास के जनपदों की पुलिस को भी लगाया जा रहा है। अधिकारियों का इस वक्त पूरा समय गोवर्धन में ही बीत रहा है। ऐसे में मथुरा में वीआईपी भी पहुंच रहे हैं। कोई दिन ही ऐसा बीतता होगा जब कोई मंत्री वृंदावन या फिर मथुरा न आते हों।
तीन दिन पहले ही केंद्रीय पर्यटन मंत्री गोवर्धन पहुंचे थे। मंत्री के स्वागत में डीएम और एसएसपी सारा दिन लगे रहे। मेले की तैयारियों को लेकर कोई मंथन हो ही नहीं पाया था। लेकिन अब मंत्री और वीआईपी के लिए दौड़भाग करने की कोई जरूरत नहीं है। शासन ने मेले में अफसरों की व्यस्तता को देखते हुए 20 से 30 जुलाई तक मथुरा को वीआईपी प्रोटोकाल से मुक्त कर दिया है। अगर कोई मंत्री या वीआईपी पहुंचेगा तो उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं मिलेगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री के अनुसचिव ने आदेश जारी कर दिया है।
11 मजिस्ट्रेट की आयुक्त से मांग
मुड़िया पूर्णिमा मेला के लिए डीएम ने आयुक्त आगरा को भेजे पत्र में 11 मजिस्ट्रेट भेजने का प्रस्ताव दिया है। इसमें दो एडीएम स्तर के अधिकारी होंगे, जबकि नौ एसडीएम स्तर के अधिकारियों का प्रस्ताव भेजा गया है।