मैनपुरी। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत कराए जा रहे शौचालय निर्माण में लापरवाही बरतने पर 57 कर्मचारियों को नोटिस जारी किए हैं। योजना के चलते 31 जुलाई तक शौचालय निर्माण पूरा होना है। दो अक्टूबर 2019 तक जिले को ओडीएफ घोषित किए जाने के तहत जिले में काम किया जा रहा है। जबकि लापरवाही बरतने पर पूर्व में पांच कर्मचारी निलंबित भी किए जा चुके हैं।
जिले में 50194 घरों में शौचालय बनाने की योजना है। योजना को प्रभावी बनाने के लिए कर्मचारियों को शौचालय निर्माण के लिए लक्ष्य दिए गए हैं। पंचायत सचिव, रोजगार सेवकों को 25-25 शौचालय बनवाने का लक्ष्य दिया है। प्रधानों के खातों में शौचालय निर्माण के लिए धनराशि भी भेजी जा चुकी है। ब्लाक स्तर पर शिविर लगाकर लाभार्थियों को सहमति पत्र भी दिए। शौचालय निर्माण में लापरवाही बरतने पर 30 पंचायत सचिव तथा 27 रोजगार सेवकों को नोटिस जारी करके उनसे जवाब मंागा गया है। प्रस्तावित ओडीएफ ग्रामों में 31 जुलाई तक शौचालय निर्माण का काम पूरा किया जाना है। ग्राम प्रधानों के खातों में धनराशि होने और लाभार्थियों को सहमति पत्र मिलने के बाद कार्रवाई की गई है।
पांच कर्मचारी हो चुके निलंबित
शौचालय निर्माण में लापरवाही पाए जाने पर पूर्व में पांच कर्मचारी निलंबित किए जा चुके हैं। तीन पंचायत सचिव और दो रोजगार सेवकों को निलंबित किए जाने के बाद भी शौचालय निर्माण से संबंधित कर्मचारियों की कार्यशैली में सुधार नहीं हो रहा है।
सीडीओ विजय कुमार गुप्ता का कहना है कि शौचालय निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो कर्मचारी लापरवाही बरतेगा उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। धनराशि खाते में होने के बाद भी शौचालय निर्माण नहीं होने पर प्रधान की जवाबदेही तय होगी। धनराशि की रिकवरी के साथ ही कार्रवाई होगी।