कासगंज। विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को 1236 पोलिंग पार्टियां रवाना हो गईं। पोलिंग पार्टियों के साथ सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। डीएम हर्षिता माथुर, एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे सहित अन्य अधिकारी नजर बनाए रहे।
जिला में विधानसभा चुनाव के लिए 1233 बूथ और तीन सहायक बूथ बनाए गए हैं। इन बूथों पर होनेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेे वाले मतदान के लिए 5448 कर्मियों को लगाया गया है। पोलिंग पार्टियों के लिए तीनों विधानसभा के लिए अलग-अलग काउंटर की व्यवस्था की गई। कर्मी सुबह आठ बजे से मंडी परिसर स्थल पहुंचना शुरू हो गए। कर्मियों ने मंडी परिसर पहुंचकर अपने काउंटर की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने काउंटरों सेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेे ईवीएम, स्टेशनरी, दवा किट, आयुष किट आदि सामान प्राप्त करने के बाद इनको चेक किया, जिससे किसी चीज की कमी निकलने पर इनकी पूर्ति कराई जा सके। दोपहर 12 बजे के बाद पोलिंग पार्टियों की रवानगी शुरू हो गई। बसों के माध्यम से इनको उनके बूथ तक पहुंचाया गया। बूथों पर पहुंचने के बाद पोलिंग पार्टियों ने अपनी चुनाव संबंधी तैयारियां शुरू कर दी।
छोटे बच्चों को साथ लेकर पहुंची महिलाएं
कासगंज। पोलिंग पार्टी में कई ऐसी महिलाओं की ड्यूटी भी लगाई गई, जिनके छोटे बच्चे हैं। ये महिलाएं अपने बच्चों को साथ लेकर मंडी परिसर पहुंची। इन महिलाओं के साथ उनके पति भी मंडी परिसर पहुंचे।
हाथों को किया गया सेनिटाइज
कासगंज। मंडी परिसर पर स्वास्थ्य विभाग ने भी अपने काउंटर लगाए। विभाग ने बूस्टर डोज के लिए शिविर लगाया। इसके साथ ही थर्मल स्केनिंग व हाथों के सेनिटाइजेशन के भी इंतजाम किए गए। जहां कर्मियों का तापमान चैक किया गया।
अपने साथ आवश्यक सामान भी लेकर आए कर्मी
कासगंज। पोलिंग पार्टी में जाने वाले कर्मियों में काफी संख्या में कर्मी ऐसे भी रहे जो अपने साथ बड़े-बड़े बैग लेकर आए। इन बैग में उन्होंने जहां सुबह के समय स्नान आदि करने के लिए साबुन, पेस्ट, पहनने के कपड़े रखे हुए थे वहीं रात को सोने के लिए कंबल, चादर आदि भी रखा था, जिससे किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
ढकेल संचालकों की रही मौज
कासगंज। गल्ला मंडी परिसर के बाहर बड़ी संख्या में ढकेल संचालक भी सक्रिय नजर आए। पोलिंग पार्टियों में जाने के लिए कर्मी सुबह से ही पहुंचना शुरू हो गए। कुछ कर्मी तो अपने साथ खाना लेकर आए। उन्होंने रवानगी से पहले अपना भोजन कर लिया। जो कर्मी अपने साथ खाने के लिए कोई इंतजाम करके नहीं पहुंचे उन्होंने ढकेलों से चाट पकोड़े आदि खरीदकर अपना पेट भरा।