जलकल विभाग में नौकरी के नाम पर दो युवकों से ठगी की गई। झांसे में आने के बाद युवक की मां ने जेवर बेचकर रुपये दिये, लेकिन बाद में जब पता चला कि उनके साथ ठगी हुई है, तो परिवारीजनों के पसीने छूट गए।
आगरा में जलकल विभाग में दो युवकों की नौकरी लगवाने के नाम पर 12 लाख रुपये ले लिए गए। उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिया गया। नियुक्ति पत्र लेकर जलकल विभाग के कार्यालय जाने पर युवकों को धोखाधड़ी का पता चला। पुलिस कमिश्नर से शिकायत के बाद शाहगंज थाने में केस दर्ज किया गया है।
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मुकदमा ख्वासपुरा निवासी शेर खान ने दर्ज कराया है। इसमें मोहनपुरा निवासी संतोष कुमार दुबे, उनके बेटे चिराग दुबे, बालूगंज निवासी हर्षित शर्मा, नगला छउआ निवासी दीपक अरोरा को नामजद किया गया है। शेर खान ने पुलिस को बताया कि उनके पास संतोष कुमार दुबे आया था। कहा कि उन्होंने अपने बेटे की जलकल विभाग में नौकरी लगवाई है। अच्छी जान पहचान है। वह उनके बेटे साहिल और नासिर खान की भी नौकरी लगवा देगा। इसके लिए 12 लाख खर्च करने होंगे।
शेर खान ने पत्नी के जेवर बेचकर रुपयों का इंतजाम किया। इसके बाद चारों आरोपियों को रकम दे दी। कुछ दिन बाद नासिर और साहिल के नाम के नियुक्ति पत्र दे दिए। साहिल जब नियुक्ति पत्र लेकर वाटरवर्क्स स्थित जलकल विभाग के कार्यालय गया तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। रकम वापस मांगने पर दो चेक दिए जो बाउंस हो गए।
पूर्व में जलकल विभाग में ही नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला थाना ताजगंज क्षेत्र में सामने आया था। मुकदमा भी दर्ज किया गया है। इसके अलावा जगदीशपुरा, सदर, एत्माद्दौला क्षेत्र में भी नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले सामने आ चुके हैं।