परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल
आनन फानन बालक को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से मेडिकल कॉलेज सैफई रेफर कर दिया गया। वहां चिकित्सकों ने शानू को मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
दो वक्त की रोटी के लिए यहां रह रहा है परिवार
भूरे कन्नौज के गांव उमर्दा के मूलरूप से निवासी है। वह दो वक्त की रोजी-रोटी के लिए परिवार के साथ घिरोर में किराये पर रह रहा है। घिरोर की लहसुन मंडी में आढ़त पर लहसुन छटाई का काम करता है। बेटे की मौत से भूरे बेसुध हो गया। उनका कहना कि वह घिरोर परिवार को पालने के लिए आया था, लेकिन घिरोर ने मुझसे मेरा बेटा छीन लिया।
मलबे से खून निकलने पर हुई जानकारी
मोहल्ला आंबेडकर नगर में दीवार के गिरने से हुई तेज आवाज सुनकर लोग मलबा के पास पहुंच गए थे। किसी को जानकारी नहीं थी कि नीचे कोई दबा है। मलबा से खून निकलता देख बालक के दबे होने की जानकारी हो सकी।
हादसे की सूचना पर एसडीएम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जानकारी ली। इस दौरान वहां पुलिस बल भी मौजूद रहा। एसडीएम रतन कुमार वर्मा ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।