आगरा में थाना जगदीशपुरा का मालखाना पुराने भवन में चल रहा है। दरवाजे तक पुराने हैं। पिछले दरवाजे की तरफ झाड़ियां हैं। 25 लाख की चोरी बंद पड़े थाने के गेट से अंदर घुसकर मालखाने के दरवाजे के ताले तोड़कर हुई। इस घटना के बाद मालखानों में रखा करोड़ों के सोन-चांदी जेवरात और असलाह की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
अमर उजाला की टीम ने सोमवार को थानों के मालखानों की पड़ताल की। थाना लोहामंडी के मालखाना में प्रभारी बैठे हुए थे। यह पुराने भवन में बना हुआ है। मालखाने के गेट पर कैमरा तक नहीं है। इसके अलावा थाना परिसर में लगे कैमरे तक बंद पड़े हैं। थाना नाई की मंडी का भवन भी काफी पुराना है। मालखाना कार्यालय भवन के अंदर ही बना हुआ है। मगर, यह मालखाना हवालात के बगल में ही है। एक तरफ अपराधी बंद होते हैं तो दूसरी तरफ मालखाने का गेट है।
मालखानों की सुरक्षा की होगी समीक्षा
एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि मालखानों की सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है। मालखानों में प्रभारी के अलावा देखरेख के लिए पुलिसकर्मियों को लगाया जाएगा। सीसीटीवी कैमरों से लैस किए जाएंगे। पुरानी जर्जर दीवार की जगह नई दीवार बनाई जाएगी। दरवाजे और खिड़कियों को भी मजबूत किया जाएगा।
थाना सिकंदरा और हरीपर्वत के मालखाने में लगे हैं कैमरे
थाना सिकंदरा के मालखाने में दो साल पहले चोरी हुई थी। चोर असलाह और कारतूस चोरी कर ले गया था। इस घटना के बाद मालखानों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे। इस पर थाना सिकंदरा के मालखाने में सीसीटीवी कैमरा लगाया गया। इसको स्क्रीन पर थाना प्रभारी के कक्ष में देखा जा सकता है। यही स्थिति थाना हरीपर्वत के मालखाने की है। वहां भी कैमरे लगे हुए हैं। प्रभारी मालखाने में होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखते हैं।
इन थानों के भवन हैं पुराने
शहर में जगदीशपुरा, शाहगंज, लोहामंडी, एमएम गेट, छत्ता, एत्माद्दौला, नाई की मंडी, सदर, ताजगंज, रकाबगंज, मंटोला, कोतवाली थाना पुराने भवन में चल रहे हैं। इसके अलावा देहात के ज्यादातर थाने में पुराने भवन में ही चल रहे हैं।
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