आगरा में अवैध धर्मांतरण गिरोह के 10 आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से छह आरोपियों को जेल भेज दिया गया। चार आरोपियों एसबी कृष्णा उर्फ आयशा, हसन अली उर्फ शेखर राॅय, मोहम्मद अली उर्फ पियूष पंवार और रहमान कुरैशी को पुलिस ने चार दिन की रिमांड पर दोबारा लिया है। मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान पुलिस की रिमांड पर पहले से ही है। गिरोह के तार पाकिस्तान सहित अन्य देशों में बैठे लोगों से जुड़े होने की बात सामने आई है। इस पर जांच चल रही है।
सदर क्षेत्र की रहने वाली दो सगी बहनें मार्च में लापता हो गई थीं। पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच की थी। इसमें धर्मांतरण गिरोह का कनेक्शन सामने आया था। इस पर पुलिस की कई टीमों को लगाया गया। टीमों ने 19 जुलाई को एक साथ छह राज्यों में कार्रवाई की थी। 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कोलकाता से दोनों बहनों को बरामद कर पुलिस लाई थी।
आरोपियों में गोवा की रहने वाली एसबी कृष्णा उर्फ आयशा, शेखर राय उर्फ अली हसन, ओसामा, रित बानिक उर्फ इब्राहिम (कोलकाता), रहमान कुरैशी (आगरा), अब्बू तालिब (खालापार, मुजफ्फरनगर), अबुर रहमान (देहरादून), जुनैद कुरैशी (जयपुर), मुस्तफा उर्फ मनोज (दिल्ली) और मोहम्मद अली शामिल हैं। इनको दस दिन की रिमांड पर लिया गया था।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के मुताबिक, दस आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। इनमें चार आरोपियों की दोबारा रिमांड के लिए सीजेएम कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया। इस पर कोर्ट ने चार दिन की कस्टडी रिमांड मंजूर कर दी। चारों आरोपी एक अगस्त तक पीसीआर पर रहेंगे। अन्य को जेल भेज दिया गया।