आगरा में विवाहिता की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या के मामले में पुलिस ने अदालत में मृतका के ससुर के खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत किया। वादी के आपत्ति जताने पर एडीजे-14 ने मृतका के पुलिसकर्मी पति, सास, भाभी और ननद को मुकदमे के विचारण के लिए अदालत में तलब करने के आदेश दे दिए।
मथुरा निवासी धर्मवीर सिंह ने थाना किरावली में तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी पुत्री प्रियंका और संगीता की शादी 9 मार्च 2015 को मलिकपुर निवासी पन्ना लाल उर्फ गौरव और उसके भाई सौरभ के साथ की थी। 6 महीने बाद ही छोटी पुत्री संगीता की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। उसके पति सौरभ ने दूसरी शादी कर ली। कुछ दिन बाद सौरभ की भी मौत हो गई।
प्रियंका ने सिलाई कड़ाई कर पति पन्ना लाल उर्फ गौरव को कोचिंग कराई। 2018 में पुलिस में नौकरी लग गई। पन्ना लाल ने शादीशुदा होने के बाद भी खुद को विभाग में अविवाहित दर्शाया। बाद में पुत्री को पता चला कि पन्नालाल के एक महिला से अवैध संबंध हैं।
इसका विरोध करने पर 27 जून 2023 को खाना बनाते समय ससुर रघुवीर सिंह, पति पन्नालाल उर्फ गौरव, सास राजन देवी, भाभी धर्मवती, ननद सोनिया और सुलेखा ने मिलकर प्रियंका पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। आरोपियों ने सिर धड़ से अलग कर निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी।
इस मामले में पुलिस ने सभी के खिलाफ केस दर्ज किया था। विवेचक ने ससुर रघुवीर सिंह के खिलाफ ही अदालत में आरोप पत्र प्रेषित किया था। वादी ने 319 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। अदालत ने अन्य को भी तलब करने के आदेश दे दिए।