पूर्व उप प्रधानमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने शनिवार को नरेंद्र मोदी की तुलना इशारे-इशारे में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से की।
उन्होंने कहा कि चाय बेचने को लेकर टिप्पणी करने वालों को यह समझना चाहिए कि अमेरिका में सामान्य व्यक्ति राष्ट्रपति बना था तो उसका गर्मजोशी से अभिनंदन हुआ था। दूसरी बार भी उसे मौका दिया गया। इसलिए भारत में भी अगर सामान्य व्यक्ति प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी कर रहा है तो उसकी प्रशंसा होनी चाहिए न कि विरोध।
तीसरे मोर्चे की संभावना को नकारते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र में सिर्फ कांग्रेस-भाजपा की लड़ाई है। आडवाणी छत्तीसगढ़ में चुनावी सभा को संबोधित करने जाने के दौरान उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में म्योरपुर हवाई पट्टी पर पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि चाय बेचने को लेकर नेताओं की टिप्पणी अशोभनीय है।
आडवाणी ने दावा किया पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों में से चार में भाजपा की फतह होगी। विधानसभा चुनावों को लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल बताया।
उन्होंने कहा कि इसके बाद लोकसभा चुनाव होंगे, जिसमें भाजपा मजबूती से सरकार बनाएगी। तीसरे मोर्चे की संभावना को नकारते हुए कहा कि केंद्र में सिर्फ कांग्रेस-भाजपा की लड़ाई है।