आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर गंभीर आरोप लगाया है। शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता के दौरान संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी से निबटने के बीच बड़े स्तर पर धांधली की जा रही है। 800 रुपये में मिलने वाला ऑक्सीमीटर पांच हजार रुपये में और 1600 रुपये में मिलने वाला थर्मामीटर 13 हजार रुपये में खरीदा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इस भ्रष्टाचार को उजागर किया, ब्राह्मणों-दलितों के ऊपर हो रही हिंसा के खिलाफ आवाज उठाई तो उनके ऊपर तीन महीने में 13 केस ठोक दिए गए।
आम आदमी पार्टी सांसद ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है कि एक सांसद को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के उपयोग के मामले में भी राजद्रोह जैसे संगीन मामले में आरोपी बना दिया जाता है। यह राजनीति का सबसे दूषित रूप है, जहां एक सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर करने के मामले में एक सांसद तक पर राजद्रोह का आरोप लगाया जाता है।
उन्होंने कहा कि अगर एक सांसद के खिलाफ यूपी सरकार इस तरह का दमनकारी कदम उठा सकती है, तो इसी से समझा जा सकता है कि वह यूपी में गरीब ब्राह्मणों-दलितों के साथ क्या व्यवहार कर रही होगी।
संजय सिंह ने कहा कि यह मामला राज्यसभा में भी उठाया गया और विभिन्न दलों के तीन दर्जन से ज्यादा सांसदों ने मेरा समर्थन किया और इस मामले की जांच किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्यसभा के नेता से उन्हें यह आश्वासन मिला है कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि वे सरकार के दमनकारी कदम के सामने नहीं झुकेंगे और ब्राह्मणों-दलितों के लिए आवाज बुलंद करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे 20 सितंबर को उत्तर प्रदेश की राजधानी में जाकर गिरफ्तारी देंगे।