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80 साल के मियां, 27 की महबूबा, प्यार बना 'आफत'

Tue, 11 Jun 2013 01:07 PM IST
मुजफ्फरनगर/ब्यूरो
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अस्सी साल की उम्र में इश्क फरमाना एक बुजुर्ग के लिए जान की आफत बन गया। बेटी से भी कम उम्र 27 साल की तीसरी पत्नी से जान का खतरा बताते हुए वृद्ध ने तलाक की अर्जी दी है।
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संपत्ति की लड़ाई में इस बेमेल जोड़ी का इश्क कोर्ट तक पहुंच गया है। बुजुर्ग के इकलौते बेटे ने भी जान का खतरा बताया है।

नसीबू की लव स्टोरी
बेमेल इश्क की यह दास्तां मुजफ्फरनगर जिले के गांव शेरनगर के नसीबू (80) की है। दो साल पहले मुजफ्फरनगर कचहरी में ही नसीबू की मुलाकात बागपत की सुनीता (27) से हुई थी।

साथ बैठे तो दोनों एक-दूसरे के दर्द के हमदर्द बन गए। नसीबू की दो पत्नियां अल्लाह को प्यारी हो चुकी थीं, जबकि गोद में बेटी को लिए घूम रही सुनीता के पास कोई ठिकाना नहीं था।
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इस बेमेल जोड़ी की कई मुलाकात हुई। परिवार की मर्जी से नसीबू ने कानूनी तरीके से सुनीता से शादी कर लिया।

रिश्तों में घुला जहर
लेकिन कुछ समय के बाद से रिश्तों में खटास शुरू हो गई, पर संबंध सुधरने की उम्मीद में शादी दो साल तक खिंच गई।

तलाक की अर्जी लिए सोमवार को कचहरी पहुंचे नसीबू ने बताया कि कई बार जान से मारने की नीयत से उसे जहर देने की कोशिश की गई।

उसने बताया कि दो माह पहले सुनीता अपने यार-दोस्तों के साथ चली गई। अब साथ नहीं रहती है। जब आती है तो सीधा संपत्ति में हक मांगती है। तलाक के अलावा उसके पास कोई चारा नहीं है।

'मुझे जान का खतरा'
नसीबू के साथ आए इकलौते बेटे अहसान ने बताया कि उसे भी जान का खतरा है। पिता की संपत्ति का वह अकेला वारिस है। उसे भी मारने की धमकी दी जाती है।

नसीबू का कुनबा
नसीबू की पहली शादी तावली गांव की रशीदी से हुई थी। बेटा अहसान (30) पहली पत्नी की संतान है। रशीदी के निधन के बाद नसीबू ने बड़ौत की बशीरी से दूसरा निकाह किया, लेकिन उसका भी निधन हो गया।
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दूसरी पत्नी से पांच लड़कियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। बेटे-बेटियों की शादी करने के बाद ही नसीबू ने अपना तीसरा निकाह किया था।
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