काम से निकाले जाने पर नौकर ने ही व्यवसायी के घर लूट की वारदात की थी। आशियाना में 13 जुलाई को हुई लूट का खुलासा करते हुए पुलिस ने वारदात के मास्टर माइंड समेत चार को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए सभी आरोपी ग्रेजुएट हैं। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के पास से कंट्रीमेड पिस्टल, तमंचा, बाइक व लूट का माल बरामद किया है।
व्यवसायी नरेंद्र पाल सिंह ग्रोवर की पत्नी-मां व बेटी को बंधकर बनाकर 13 जुलाई की रात बदमाश नगदी समेत जेवर लूट ले गए थे।
हाथ लगे अहम सुराग
क्षेत्राधिकारी कैंट बबिता सिंह ने बताया कि व्यवसायी के घर व दुकान पर काम करने वालों से पड़ताल में कई सुराग हाथ लगे। खासतौर पर बीस दिन पहले ही काम से निकाले गए रायबरेली के रतापुर गांव निवासी अनुराग सिंह पर शक की सुई टिक गई।
सर्विलांस के जरिए अनुराग की जानकारी जुटाई गई। इस बीच सूचना मिली कि बदमाश लूटे गए माल का बंटवारा करने बिजली पासी किला के पास जुटे हैं।
इस पर पुलिस ने छापेमारी कर चारों को दबोच लिया। इनमें अनुराग के साथ ही अमेठी के मोहनगंज भवानीनगर निवासी विपिन सिंह, शातमऊ निवासी विनय शुक्ला व सहारनपुर के बढ़गांव सिमलाना निवासी जितेंद्र पाल शामिल हैं।
पढ़े-लिखे हैं सभी चोर
अनुराग होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर चुका है। जबकि बीएससी करने के बाद जितेंद्र रायबरेली से आईटीआई का कोर्स कर रहा है। विपिन व विनय भी बीए पास हैं। इनमें विपिन पर अलग-अलग जिलों में लूट, चोरी समेत करीब 17 मुकदमे दर्ज हैं।
विनय भी हत्या के आरोप में जेल जा चुका है। आठ माह पहले ही जमानत पर छूटा था। पूछताछ में अनुराग ने बताया कि वह नरेंद्र की गोमतीनगर स्थित दुकान पर काम करता था। बीस दिन पहले नरेंद्र ने उसे अपमानित कर काम से हटा दिया था।
रेकी करके की चोरी
बदले की नियत से अनुराग ने रायबरेली निवासी अपने दोस्त विपिन व विनय से संपर्क किया। दोनों जीतेंद्र के साथ लखनऊ पहुंचे। चारों ने मिलकर योजना बनाई। एक दिन रैकी के बाद दूसरे दिन वारदात को अंजाम दे दिया।
लूट के समय अनुराग भी मौजूद था, लेकिन पहचाने जाने के डर से घर के अंदर नहीं गया। विपिन, विनय व जितेंद्र व्यवसायी के घर में घुसे और वारदात को अंजाम दिया था।