गोमतीनगर में मासूम से दुष्कर्म के बाद हत्या करने वाले दरिंदे ने हैवानियत की हदें पार कर डाली थीं। राजधानी में पहले हुई ऐसी वारदातों से यह बिल्कुल अलग है।
एसएसपी जे रविंदर गौड ने बताया कि दुष्कर्म या दुष्कर्म के प्रयास के बाद हत्या की वारदात पहले भी हुई हैं, लेकिन विवेक खंड-3 में मासूम के साथ जो हुआ वह बिल्कुल अलग है।
किए धारधार हथियार से वार
विवेक खंड-3 में बच्ची से दुष्कर्म के बाद शरीर पर धारदार हथियार से वार किए गए। पूरे शरीर पर चोट के निशान दरिंदे की विकृत मानसिकता की गवाही दे रहे हैं। शव को बीच सड़क पर फेंका गया। जाहिर है कोई सामान्य व्यक्ति ऐसा नहीं कर सकता।
हो रही है दरिंदे की पहचान
आसपास के लोगों में विकृत मानसिकता के व्यक्ति की पहचान करने के लिए पुलिस की टीम लगाई गई है। पता लगाया जा रहा है कि फुटपाथ पर रहने वाले तीन सदस्यीय परिवार की बिरादरी के ही कितने लोग आसपास रहते हैं? उनकी क्या स्थिति है?
परिवार से सुराग मिलने की उम्मीद
परिवार से ही कातिल का सुराग मिलने की उम्मीद है। दरिंदे ने मासूम से दुष्कर्म के बाद उसके शरीर पर आठ गंभीर वार किए थे। पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने धारदार हथियार या नुकीली वस्तु से आठ गंभीर चोटों का जिक्र किया है।
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दुष्कर्म की पुष्टि के लिए स्लाइड तैयार कर परीक्षण के लिए भेजी गई है। बच्ची की मौत शरीर पर आई चोटों से अधिक खून बहने के कारण होना पाया गया है।
पहले भी हुए ऐसे केस
वर्ष 2007 में गोमतीनगर में ही दुष्कर्म के बाद मासूम की हत्या हुई थी। गला
घोंटने के बाद शव पार्क की झाड़ियों में फेंका गया था। डेढ़ साल पहले
इंदिरानगर के चूड़ामणि का पुरवा में भी बच्ची से दुष्कर्म के बाद दरिंदे ने
गला घोंट डाला था। उसका शव खेत में बरामद हुआ।