लखनऊ । अदालत की फटकार के बाद मिलावट खोरी की जांच करने वालों को अभियान की याद आई है। हकीकत यह है कि शासन-प्रशासन की नाक के नीचे सफेद दूध का काला धंधा फलफूल रहा है। रोकथाम को जिम्मेदार एफएसडीए (खाद्य औषधि सुरक्षा प्रशासन) की टीम अपमिश्रण व मिलावटखोरी रोकने के नाम पर सिर्फ खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग व जांच में ही अटकी है। इसी का फायदा उठा रहे हैं मिलावटखोर। मांग के सापेक्ष दूध की सप्लाई न होने पर इसमें कई तरह की मिलावट कर सिंथेटिक दूध तक बाजार में खपा कर मोटी कमाई कर रहे हैं। इस बाबत एफएसडीए की जिला ईकाई के अधिकारी भी सिर्फ दूध के नमूनों की जांच पर चुप्पी साध बीते एक साल में दुग्ध व दुग्ध निर्मित खाद्य पदार्थों के नमूनों की मिली-जुली जांच रिपोर्ट व इनमें मिली गड़बड़ी के आधार पर हुई कार्रवाई का हवाला ही देते हैं।
गौरतलब है कि बीते मंगलवार को देश की शीर्षस्थ अदालत ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के बाद मिलावटी दूध की धरपकड़ को संचालित कार्रवाई की सुस्त रफ्तार पर उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों की सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए 31 जुलाई तक इस संबंध में जवाब दाखिल करने को कहा है। इसके बाद चेते शासन ने जिला स्तर पर एफएसडीए टीमों को मिलावटी दूध की धरपकड़ के लिए अभियान चला कर कार्रवाई करने को कहा है। जिले के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह ने बुधवार को बताया कि जल्दी इसके लिए अलग टीमें गठित कर बाजार में बिकने वाले दूध की सैंपलिंग व इसमें मिलावटखोरी पकड़ने के लिए अभियान संचालित कर धंधेबाजों की धरपकड़ करेगी।
मिलावटखोरों के पसंदीदा स्थान
दूध में मिलावट करने वालों ने मिलावटी दूध खपाने के लिए कुछ स्थान चिन्हित कर रखे हैं। इनका धंधा मुख्य तौर पर चारबाग, चौक, हजरतगंज, तालकटोरा दूध मंडी, टिकैत राय तालाब, बुलाकी अड्डा, आशियाना, पानदरीबा, आलमबाग, जानकीपुरम, इंदिरा नगर, सदर व गोमती नगर के शहरी इलाकों के साथ ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े मोहनलालगंज, कॉकोरी, मलिहाबाद, माल, बीकेटी व चिनहट इलाकों में फैला है।
फैट दिखाने को करते मिलावट
दूध की वास्तविक मात्रा को दो से ढाई गुना करने को मिलावटखोर कई तरीके अपनाते हैं। इसमें सबसे आसान व सुरक्षित तरीका शुद्ध दूध में से क्रीम निकाल कर इसके पोषण तत्व खत्म करने का होता है। इसके बाद ऐसे फैट लैस दूध में वनस्पति घी मिला कर कृत्रिम तौर पर फैट दिखाया जाता है। इसके साथ ही दूध में पानी, कॉस्टिक सोडा, फार्मेलिन व स्टार्च को भी मिला कर मिलावट की जाती है। सेहत के लिए सबसे खतरनाक सिन्थेटिक दूध होता है। मिलावटखोर इसके लिए यूरिया, डिटर्जेट, रिफाइंड आयल, सफेद पेंट का इस्तेमाल करते हैं।
एक साल में 76 नमूने, 21 में गड़बड़ी, 6.75 लाख जुर्माना
जिले के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह बताते हैं कि बीते वित्तीय वर्ष में 1 अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2013 तक दूध व दुग्ध उत्पादन के 76 नमूनों को जांच के लिए भेजा गया। इनमें से 21 में मिलावट पाए जाने पर मुकदमा दर्ज कराते हुए 6.75 लाख तक जुर्माना भी वसूला गया। वह बताते हैं इनमें से सिर्फ दूध के 31 नमूने जांचे गए और गड़बड़ी के आधार पर इनसे 85 हजार का जुर्माना वसूला गया। वर्तमान वित्तीय वर्ष में तीन माह के दौरान मात्र 5 नमूने ही जांच को भेजे गए हैं।
खुद जांचे दूध में मिलावट
सोडा परीक्षण
5 मिली. कच्चे दूध में 5 मिली. एल्कोहल मिलाए। इसके बाद इस घोल में 5 बूंद रोजेलिक एसिड डाले यदि इसमें तीस सेकेंड घोल गहरे लाल रंग का हो जाए तो दूध में सोडे की मिलावट है।
यूरिया परीक्षण
5 मिली. कच्चे दूध में 5 मिली. पैराडाइमिथाइल एमिनो बैन्जाल्डिहाइड मिलाए। यदि घोल तुरंत पीले रंग का हो जाए तो इसमें यूरिया की मिलावट है।
फार्मेलिन परीक्षण
5 मिली. कच्चे दूध में 5 बूंद फ्लोरोग्लूसिनाल और पांच बूंद सोडियम हाइड्राक्साइड डाले। यह घोल गहरा लाल रंग का हो जाए तो मिलावट होगी।
डिटरजेंट परीक्षण
5 मिली. कच्चे दूध में दो बूंद ब्रोमोक्रिसाल परपल घोल डाले। घोल के नीला होने पर इसमें डिटरजेंट मिला होगा।
स्टार्च परीक्षण
5 मिली. कच्चे दूध में 5 बूंद आयोडिन घोल डाले यह घोल नीला होने पर स्टार्च मिला होगा।
हाइड्रोजन परआक्साइड का परीक्षण
पांच मिली. दूध में चार बूंद बेन्जिलीडीन घोल तथा दो बूंद एसिटिक एसिड डालकर हिलाने पर यदि नीला रंग आता है तो दूध मिलावटी होगा।
344 में से 312 नमूने फेल
पराग के बीते साल में आयोजित 8 से अधिक शिविरों में 344 दूध के नमूने की जांच की गई तो उसमें से 312 फेल पाए गए थे। इसमें 32 नमूने सही मिले ,जबकि एक नमूने में यूरिया की पुष्टि हुई थी। जांच के दौरान चौक क्षेत्र में सिंथेटिक दूध बेचने का भी पता चला था। पराग के एक अधिकारी ने बताया कि दूध में पानी का मिश्रण 40 से 65 फीसदी तक पाया गया। अधिकारी ने बताया कि साल की शुरुआत में दूध की जांच के शिविर लगे पर बीच में बंद हो गए।
पराग के शिविर की रिपोर्ट
स्थान नमूने आए बेहतर सोडा मिला पानी मिला
गंगाविहार चिनहट 41 2 14 25
सर्वोदय नगर 48 6 18 24
लवकुश नगर 44 3 15 26
विनीतखंड 63 12 12 39
न्यू हैदराबाद 43 2 12 29
डंडहिया 35 0 18 17
इंजीनियरिंग कालेज 36 6 11 19
निशातगंज 34 1 17 16
कुल 344 32 117 195