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स्कूल बस ने मासूम छात्र को रौंदा, मौत

Thu, 04 Jul 2013 05:30 AM IST
Lucknow
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लखनऊ। दो लापरवाह स्कूल बस चालकों ने 10 साल के एक छात्र की जान ले ली। पहले बस चालक की गलती ये थी कि वह थोड़ा सा समय बचाने के चक्कर में रोज की तरह मासूम को बुधवार काे भी सड़क पर उतार कर चलता बना। बच्चा अपनी मां के साथ्ा सड़क पार कर ही रहा था कि दूसरे तेज रफ्तार बस चालक ने उसे रौंद दिया।
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अपने कलेजे के टुकड़े को तड़प-तड़प कर मरते देख मां सुध-बुध खो बैठी। इंदिरानगर में हादसे के बाद शोर सुनकर कॉलोनी के सैकड़ों लोग सड़क पर आ गए। भीड़ ने बस का पीछा किया। इस पर चालक बस छोड़कर फरार हो गया। लोगों ने चालक की गिरफ्तारी की मांग करते हुए सड़क जाम कर दी। इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर लोगों को समझाने का प्रयास किया, जिस पर भीड़ ने पुलिसकर्मियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की भी हुई। उधर, घरवालों ने दुर्घटना करने वाली बस के साथ उस स्कूल के प्रबंधन और बस चालक पर भी आरोप लगाया, जहां छात्र पढ़ता था। पिता का कहना था स्कूल बस का चालक छात्र को कॉलोनी के गेट पर ही उतार कर चला जाता था, जबकि उसे घर के सामने उतारना चाहिए था। पिता की तहरीर पर पुलिस ने टक्कर मारने वाली बस चालक के साथ लापरवाही बरतने के आरोप में छात्र के स्कूल के मैनेजर व बस चालक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गाजीपुर में इंदिरानगर के सेक्टर-18 निवासी कृष्ण कुमार सिंह सिविल कांट्रेक्टर हैं। कृष्ण कुमार का बड़ा बेटा आयुष राज उर्फ नीलू (10) गोमतीनगर के सीएमएस स्कूल में कक्षा-दो का छात्र था। वह रोज की तरह बुधवार सुबह स्कूल गया था। दोपहर ढाई बजे स्कूल बस से घर के लिए लौटा। बस चालक ने आयुष को सेक्टर-18 कॉलोनी के मेन गेट पर उतार दिया। वहां आयुष की मां गीता पहले से खड़ी थीं। मां अपने बेटे को लेकर घर जाने के लिए सड़क पार कर रही थीं। तभी पीछे से आ रही बच्चों से भरी दूसरी स्कूल बस ने आयुष को रौंद दिया। मां की नजरों के सामने ही आयुष ने तड़प-तड़प कर मौके पर ही दम तोड़ दिया। मासूम बेटे को तड़पता देखकर मां बेहोश हो गईं। तभी शोर सुनकर कॉलोनी में लोगों की भीड़ जमा हो गई। भीड़ ने दौड़ाकर बस को कब्जे में ले लिया, जबकि चालक फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस बस को कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने लगी। इस पर भीड़ ने सड़क जाम कर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने समझाने का प्रयास किया तो लोगों ने उन्हें आड़े हाथों लिया और जमकर खरी-खोटी सुनाई। इस दौरान पुलिस और कॉलोनीवासियोें के बीच धक्का मुक्की भी हुई। बाद में, कॉलोनी में रह रहे पीएस सिद्दीकी ने छात्र के घर वालों को समझाया। साढ़े तीन घंटे बाद घर वाले पोस्टमॉर्टम के लिए राजी हुए। मृतक के पिता का आरोप था कि आयुष के स्कूल के मैनेजर से मिलकर कई बार शिकायत की गई थी कि बस चालक बच्चे को कॉलोनी के गेट के पास सड़क पर छोड़कर चला जाता है, लेकिन मैनेजर ने न तो बस चालक को कोई हिदायत दी और न ही बच्चे को घर छोड़ने की बात कही। वे दुर्घटना करने वाले चालक की गिरफ्तारी के साथ लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने कृष्ण कुमार की तहरीर पर दुर्घटना करने वाले बस चालक के साथ लापरवाही बरतने के आरोप में सीएमएस स्कूल के मैनेजर व बस चालक के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। आयुष को टक्कर मारने वाले बस चालक की तलाश हो रही है।
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दोस्त से हाथ मिलाया और चल दिया
अपने दोस्त से हाथ मिलाकर आयुष स्कूल बस से मुस्कराते हुए नीचे उतरा। फिर, अचानक कुदरत ने ऐसा खेल खेला कि आयुष हमेशा के लिए दुनिया को छोड़कर चला गया। नए सेशन में स्कूल जाते हुए आयुष का तीसरा दिन ही था, लेकिन उसकी अपने क्लास के बच्चों से अच्छी दोस्ती हो गई थी। बीते मंगलवार को स्कूल से घर लौटने पर मां ने आयुष का टिफिन चेक किया तो खाना पूरा मिला। जब मां ने पूछा कि खाना क्यों नहीं खाया तो आयुष ने कहा कि दिव्यांशु टिफिन लेकर आया था। उसी के साथ खाना खा लिया। बिलखते हुए मां ने बताया कि वह घर में हमेशा अपने दोस्तों की बात करता था। पापा से सेलफोन छीन लेता और बोलता कि दोस्त से बात करूंगा। आयुष की मौत से पूरी कॉलोनी के लोग दुखी हैं।
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