लखनऊ। बलरामपुर अस्पताल के नवनिर्मित सुपर स्पेशियलिटी विंग के लोकार्पण से कुछ घंटे पहले स्वास्थ्य मंत्री का औचक निरीक्षण अधिकारियों के लिए भारी पड़ गया। सोमवार शाम अचानक अस्पताल पहुंचे मंत्री ने नए भवन में गंदगी, घटिया टाइल्स और पर्दों को लगाने पर निर्माण निगम के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि ऐसे उद्घाटन होगा? सब कुछ आधा-अधूरा पड़ा है। इसके बाद उन्होंने अल्ट्रासाउंड मशीनों के बारे में पूछा। जैसे ही उन्हें पता चला कि मशीनें वहां नहीं पहुंची हैं तो डीजी हेल्थ डॉ. डीके श्रीवास्तव को गुस्से का शिकार होना पड़ा। इन मशीनों का लोकार्पण भी मंगलवार को मुख्यमंत्री को करना है। सुपर स्पेशियलिटी विंग के उद्घाटन की तैयारियों का जायजा लेने सोमवार शाम स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन जैसे ही वहां पहुंचे, उन्हें दीवारों में लगी घटिया टाइल्स व अस्पताल में गंदगी दिख गई। इसके बाद वे नाराज हो गए और निर्माण निगम के अधिकारियों को जमकर फटकारा। अहमद हसन ने कहा कि घटिया टाइल्स लगने से बाहर से चमचमा रहे भवन की खूबसूरती कम हो गई है। इसके बाद वार्ड में पर्दे भी नहीं लगे मिले। इसके लिए भी उन्होंने अधिकारियों की क्लास ली। इसी बीच, उन्होंने महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. डीके श्रीवास्तव से अल्ट्रासाउंड मशीनों के बारे में पूछ लिया। सुपर स्पेशियलिटी विंग के उद्घाटन के साथ ही मुख्यमंत्री 125 अल्ट्रासाउंड मशीनों का भी लोकार्पण भी करेंगे। मशीनों के न पहुंचने पर उन्होंने डीजी हेल्थ को कड़ी फटकार लगाई। इन मशीनों को लोकार्पण के बाद प्रदेश के सभी जिलों में भेजा जाएगा। इनमें से नौ अल्ट्रासाउंड मशीन राजधानी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगेंगी।
चार और विशेषज्ञ डॉक्टर मिलेंगे ः सुपर स्पेशियलिटी विंग को चार विशेषज्ञ डॉक्टर और मिल जाएंगे। इसी के साथ बलरामपुर अस्पताल प्रदेश का इकलौता सरकारी अस्पताल होगा, जहां सुपर स्पेशियलिटी विंग होगी। सभी विभागों में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए सिविल अस्पताल से न्यूरो फिजिशियन डॉ. पीके मिश्रा, लोहिया अस्पताल से नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. नरेंद्र देव व डॉ.विवेक गुप्ता, बाराबंकी से गैस्ट्रोफिजीशियन डॉ.सुनील गुप्ता को बलरामपुर अस्पताल लाया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की इस योजना को उनके बेटे अखिलेश और स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने साकार रूप दिया है। लगभग आठ साल पहले मुलायम सिंह यादव ने बलरामपुर अस्पताल के स्थापना दिवस के मौके पर राजधानी की तीनों सरकारी अस्पतालों में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं को शुरू करने की घोषणा की थी। बलरामपुर अस्पताल में अब जाकर ये संभव हो पाया है। इसके अलावा सिविल और लोहिया अस्पताल में अलग-अलग विधाओं की सुपर स्पेशियलिटी विंग शुरू की जाएंगी। सिविल में पहले से ही हृदय रोगियों की जांच के लिए कैथ लैब है। वहां कार्डियोलॉजी की सुविधाओं को और बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा लोहिया में हड्डी रोग की विशेषज्ञ सुविधाएं मिलेंगी।