लखनऊ। राजधानी के दो अलग-अलग जगहों पर जिंदगी से हताश युवती समेत दो ने खुदकुशी कर ली। सूचना पर पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस के मुताबिक, हसनगंज पार्क के पास रहने वाले जुगुल किशोर मैजापुर, गोंडा में चीनी मिल में काम करते हैं। उनकी छोटी बेटी रोलिका जोशी (26) प्राइवेट जॉब करती थी। रविवार देर शाम उसने कमरा बंद कर दुपट्टे व पंखे के सहारे फांसी लगा ली। इस दौरान उसकी मां पड़ोस में गई हुई थी। जबकि छोटा भाई वासु बाहर था। थोड़ी देर बाद जब मां लौटी तो कमरा बंद देख बेटी को आवाज लगाई। जवाब न मिलने पर पड़ोसियों की मदद से धक्का देकर दरवाजा खुलवाया। अंदर कमरे में बेटी लटकी मिली। आननफानन में घरवाले पुलिस को सूचना देकर युवती को ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छानबीन में पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें जिंदगी में कुछ हासिल न करने पर मां-बाप से माफ करने की बात लिखी थी। पिता जुगुल का कहना है कि बेटी एमटेक की तैयारी कर रही थी। वह काफी दिनों से डिप्रेशन में थी।
उधर, पीजीआई क्षेत्र के चौधरीखेड़ा गांव निवासी रामसेवक उर्फ कालिया (26) पिता की मृत्यु के बाद पुराने मकान में अकेले रहता था। चचेरे भाई दीपक रावत के मुताबिक, पिता की मृत्यु के बाद उसकी मां एक रिक्शा चालक से शादी कर अलग रहती है। जबकि तीनों भाई अलग रहते हैं। रविवार रात उसने मकान में धन्नी व गमछे के सहारे लटककर जान दे दी। जब चचेरा भाई रामसेवक उसे बुलाने गया तो वह लटका मिला। बताया कि अकेलेपन व बेरोजगारी के चलते वह परेशान था।