लखनऊ। माज हत्याकांड का मास्टर माइंड इनामी इंस्पेक्टर संजय राय अपने अफसरों को छका रहा है। महकमे के भेदिये उसे पल-पल की खबर दे रहे हैं। संजय राय की तरह फरार शूटर भी लगातार ठिकाना बदल रहे हैं। यही वजह है कि वारदात के खुलासे के 20 दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ हैं। प्रशिक्षु दरोगा से प्रेमप्रसंग में इंस्पेक्टर संजय राय ने राह का कांटा बन रहे अकमल को फंसाने के इरादे से आठवीं के छात्र माज की हत्या करा दी। आजमगढ़ से शूटर बुलाकर वारदात अंजाम दिलाने में संजय राय से कई चूक हुई, लेकिन 9 जून को हत्याकांड के खुलासे से चंद घंटे पहले सर्विस पिस्टल व सीयूजी सिमकार्ड लेकर फरार संजय राय अब हर कदम फूंक-फूंक कर रख रहा है। लगातार मोबाइल व सिमकार्ड बदलने से सर्विलांस सेल उसका लोकेशन ट्रेस नहीं कर पा रहा है। दूसरी तरफ, महकमे में संजय राय के भेदिये उसे पल-पल की खबर दे रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि वह विभिन्न नंबरों से अपने भेदियों से बात करके अफसरों की रणनीति की टोह ले रहा है। सूत्र बताते हैं कि फरारी के बाद संजय राय ने शूटरों से संपर्क नहीं किया है। उसके बल पर वारदात को अंजाम देने वाले शूटर भी ठिकाना बदल रहे हैं। वारदात में इस्तेमाल संजय राय के भाई की कार को गुप्त स्थान पर छुपा दी है। शूटरों के करीबी लोगों को हिरासत में लेकर दबाव बनाया गया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
विशेष टीम रवाना ः पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी है कि संजय राय द्वारा फर्जी आईडी के सिमकार्ड से एक करीबी से बातचीत की, भनक लगने पर उसका लोकेशन ट्रेस करने के साथ विशेष टीम रवाना की गई है। लैपटॉप व इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के विभिन्न उपकरणों से लैस टीम को अगली कॉल का इंतजार है। इस टीम के पास ऐसे उपकरण है जो कॉल करने के स्थान से 20 मीटर की दूरी तक पहुंचा सकते हैं। इसके बाद संजय राय को पकड़ना आसान हो जाएगा।
नेपाल जाने का अंदेशा ः पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हाईकोर्ट से राहत न मिलने व इनाम घोषित होने पर संजय राय के नेपाल भाग जाने का शक है। इसके चलते नेपाल सीमा के विभिन्न थानों-चौकियों पर संजय राय का फोटो भेजा गया है। अफसरों का मानना है कि संजय राय ने हुलिया बदले बगैर सीमा पार करने की कोशिश की तो धर लिया जाएगा।