लखनऊ। घूसखोरी रोकने के लिए पुलिस अफसर भले ही सख्त कदम उठा रहे हों, लेकिन रिश्वतखोर अपनी करतूत से बाज नहीं आ रहे हैं। चिनहट कोतवाली की क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) में तैनात तीन सिपाहियों ने बुधवार शाम जानवरों की खाल से लदी गाड़ी रोकी। ड्राइवर को धमकाकर 12 हजार रुपये वसूल लिए। इसकी शिकायत पर तीनों सिपाहियों को निलंबित करने के साथ उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करके हिरासत में ले लिया गया है।
सीओ गोमतीनगर विद्यासागर मिश्रा ने बताया कि बाराबंकी से मरे हुए जानवरों की खाल लादकर आ रही पिकप को चिनहट कोतवाली की क्यूआरटी की जीप में सवार कांस्टेबल रियाज खान, शमशेर अली व दिनेश कुमार आर्य ने आज शाम छह बजे फैजाबाद रोड पर इंदिरा नहर के पास रोका। बाराबंकी के दरियाबाद निवासी ड्राइवर मो. जमील को उगाही के लिए धमकाने लगे। जेल भेजने की धमकी से घबराए ड्राइवर से 12 हजार रुपये ऐंठ लिए। इस बीच रास्ते से गुजर रहे एक व्यक्ति ने उच्चाधिकारियों को फोन कर दिया। पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर भेजी गई। वहां ड्राइवर मो जमील तीनों सिपाहियों के आगे गिड़गिड़ाते मिला। टीम आते देख तीनों सिपाही क्यूआरटी की गाड़ी लेकर थाने की तरफ भाग निकले। ड्राइवर मो. जमील ने चिनहट कोतवाली पहुंच कर रिपोर्ट दर्ज कराई। घूसखोरी के आरोपी तीनों सिपाहियों को एसएसपी जे रविंदर गौड ने देर रात निलंबित कर दिया है। पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी है कि तीनों सिपाहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, हालांकि सीओ ने सिपाहियों की गिरफ्तारी से फिलहाल इन्कार किया है।