लखनऊ। गौतम बुद्ध प्राविधिक विश्वविद्यालय (जीबीटीयू) की सेमेस्टर परीक्षाओं में सेंटरों पर क्वेश्चन पेपर पहुंचाने की झंझट से दिसंबर से छुटकारा मिल जाएगा। जीबीटीयू की परीक्षा समिति ने क्वेश्चन पेपर डिलीवरी सिस्टम (क्यूपीडीएस) को लागू करने की हरी झंडी दे दी है। नई कवायद को दिसंबर में होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं से लागू किया जाएगा। शुरुआत राजधानी के कॉलेजों से होगी।
जीबीटीयू के साथ महामाया प्राविधिक विश्वविद्यालय के विलय के बाद जीबीटीयू का क्षेत्राधिकार एक बार फिर पूरे प्रदेश तक हो गया है। इसके दायरे में 700 से ज्यादा इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कॉलेज आएंगे। ऑनलाइन पेपर भेजे जाने से जहां समय व धन की बचत होगी, वहीं प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा व गोपनीयता भी ज्यादा बेहतर हो सकेगी। सिस्टम इतना सुरक्षित बनाया गया है कि इसमें कॉलेज द्वारा क्वेश्चन पेपर के लिए जाने वाले प्रिंट की संख्या तक का पता चल जाएगा। प्रणाली लागू होने के बाद वर्षों तक पेपर सुरक्षित रखे जा सकेंगे। जीबीटीयू में छात्रों के परीक्षा फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया पहले से ही ऑनलाइन है। कॉलेज लॉग-इन के माध्यम से कॉलेजों को फॉर्म उपलब्ध करा दिए जाते हैं और कॉलेज जीबीटीयू की वेबसाइट पर ही प्रक्रिया पूरी कर लेते हैं। अब बारी परीक्षा की है। पिछले दिनों हुई परीक्षा समिति की बैठक में इस पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। प्रणाली को समझने के लिए विश्वेशरैया टेक्किनल यूनिवर्सिटी, बंगलूरू का जीबीटीयू के अधिकारियों ने दौरा भी किया था। जीबीटीयू प्रशासन प्रयोग के तौर पर दिसंबर में इसे राजधानी के कॉलेजों में लागू करेगा। कवायद सफल रही तो इसे पूरी तरह से अमल में लाया जाएगा।
परीक्षा के ठीक पहले पहुंचेंगे पेपर
जीबीटीयू की प्रस्तावित र्काययोजना के अनुसार परीक्षा और पेपर पहुंचने के बीच समयावधि का बहुत अंतर नहीं रहेगा। कॉलेजों को प्रश्न-पत्रों की सिक्योरिटी की विश्वविद्यालय की वेबसाइट के जरिए परीक्षा शुरू होने के एक घंटे पहले ही मिलेगी। परीक्षा शुरू होने के 45 मिनट पहले सॉफ्टवेयर के जरिए क्वेश्चन पेपर केंद्राध्यक्ष के लॉग-इन में भेजे जाएंगे। क्वेश्चन पेपर प्रिंट करने के लिए कॉलेज के प्राचार्य और परीक्षा अधीक्षक तथा सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर को कलर कोडेड आईडी दी जाएगी। हर परीक्षा में यह आईडी और सिक्योरिटी अल्फाबेट बदल जाएंगे।
फूलप्रूफ होगा सिस्टम
क्यूपीडीएस को फूलप्रूफ बनाने के लिए तीन से चार स्तर पर सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे। पहला सुरक्षा स्तर आईपी (इंटरनेट प्रोटोकॉल) आधारित एक्सेस पर होगा। रजिस्टर्ड कॉलेज, जिनका यूनिक आईपी एड्रेस होगा, वही सर्वर से जुड़ सकेंगे। कॉलेज के विवरण भी एक सिक्योरिटी फायरवॉल से जांचे जाएंगे। इसके बाद ही कॉलेज सर्वर से कनेक्ट हो सकेगा। आईपी एड्रेस के अलावा क्यूपीडीएस से कॉलेज में इस्तेमाल होने वाले कंप्यूटर का यूनिक मीडिया एक्सेस कंट्रोल (मैक) भी रजिस्टर्ड होगा। मैक एड्रेस व सीपीयू आईडी के जरिए केवल चुनिंदा कंप्यूटर ही क्यूपीडीएस सर्वर से जुड़ सकेंगे।
कोट्स
परीक्षा समिति ने क्यूपीडीएस को लागू करने की सहमति दे दी है। इसकी प्रक्रिया और प्रणाली का अध्ययन किया जा रहा है। हमें उम्मीद है कि दिसंबर तक हम यह व्यवस्था लागू कर देंगे। इससे परीक्षा का सिस्टम और भी सहज और पारदर्शी होगा।
डॉ. विक्रम सिंह, अपर परीक्षा नियंत्रक, जीबीटीयू