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बलरामपुर अस्पताल में इंटर्न की दबंगई, तड़पे मरीज

Wed, 01 May 2013 05:30 AM IST
Lucknow
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लखनऊ। बलरामपुर अस्पताल में इंटर्न को आई कार्ड जारी करने की पैरवी करना डॉक्टर को महंगा पड़ गया। नाराज इंटर्न ने मंगलवार को अस्पताल परिसर में कार्य बहिष्कार करते हुए जमकर दबंगई की। मरीजों को धक्का मारकर बाहर निकालने के साथ ही इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों से अभद्रता की और डॉक्टर आरबी सिंह का पुतला फूंका। इस दौरान इमरजेंसी समेत वार्डों में भर्ती मरीज बिना इलाज तड़पते रहे। प्रदर्शन से घबराए कई मरीज बिना इलाज लौटे। प्रदर्शनकारियों से वार्ता करने आए अधिकारियों से भी इंटर्न ने अभद्रता करते हुए नारेबाजी की और अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की चेतावनी देते हुए चले गए।
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बलरामपुर अस्पताल में मंगलवार सुबह से ही कुछ इंटर्न वार्डों व इमरजेंसी में तैनात इंटर्न को कार्य बहिष्कार के लिए उकसाने लगे। कई ने मना किया तो जबरन ले जाने लगे। इसके बाद इंटर्न ने नारेबाजी करते हुए सीएमएस का घेराव कर के हंगामा शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि दो दिन पहले मुंह पर मास्क लगा के बिना आईडी के काम करने वालों को आईकार्ड जारी करने की पैरवी करने वाले डॉक्टर आरबी सिंह को तत्काल अस्पताल से हटाया जाए। सीएमएस ने काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। गुस्साए इंटर्न अस्पताल परिसर, वार्डों और इमरजेंसी में घूम - घूम कर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। इस दौरान मरीजों को इलाज में बहुत समस्याएं हुई।
काकोरी से आए कलीम, मलिहाबाद के ताहिर, डालीगंज के विशंभर की हालत बिगड़ गई। इमरजेंसी में तैनात डॉ एस ए समद्दर ने शांत रहने को कहा तो इंटर्न उनसे भी उलझने लगे। इसके बाद जुलूस की शक्ल में अस्पताल गेट पर पहुंच मरीजों के बेडशीट से पुतला तैयार किया। इसी बीच इमरजेंसी में जा रहे मरीजों को इंटर्न ने धक्का देकर भगाना शुरू कर दिया। इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों के नेतृत्व में इंटर्न ने डॉ आर बी सिंह का पुतला फूंका। बवाल बढ़ता देख अस्पताल के निदेशक डॉ. टीपी सिंह, अधीक्षक डॉ बी के एस चौहान और सीएमएस डॉ. यू एन राय के साथ मौके पर पहुंचे। डॉ. सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन वे डॉक्टर आरबी सिंह को तत्काल हटाने की मांग पर अड़े रहे। इंटर्न का कहना है कि जब तक डॉ. आरबी सिंह को नहीं हटाया जाता आंदोलन जारी रहेगा।
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यह था मामला
डॉ. आर बी सिंह से सोमवार को डीलक्स वार्ड में भर्ती मरीजों ने आपत्ति जताई कि मुंह पर मास्क लगा कर कई इंटर्न इलाज कर रहे हैं। उनकी पहचान स्पष्ट नहीं है जबकि यह इंजेक्शन लगाते हैं। ऐसे में कोई अनहोनी हो जाए तो किसे दोषी ठहराया जाएगा। इस पर वार्ड में तैनात डॉ. आरबी सिंह ने अपने अधिकारियों को पत्र लिखा कि मरीजों का जो इंटर्न इलाज कर रहे है उनका आईडी होना चाहिए। सीएमएस ने भी इसे सही ठहराते हुए आईडी जारी करने का आदेश दिया था।
इमरजेंसी से हटाए गए डॉ. आरबी सिंह
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. डीके श्रीवास्तव के अनुसार डॉ. आरबी सिंह को इमरजेंसी के स्थाई प्रभारी के पद से हटा दिया गया। इसके अलावा सात दिन तक उनकी अस्पताल में कोई ड्यूटी नहीं लगाने का आदेश दिया है। स्वास्थ्य मंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया है। निदेशक स्वास्थ्य डॉ बलजीत अरोड़ा को जांच के आदेश दिए गए हैं।
डॉक्टरों ने संभाला इलाज का जिम्मा
इंटर्न ने कार्य बहिष्कार किया तो मरीजों की हालत बिगड़ती देख डॉक्टरों ने मोर्चा संभाला। राउंड करने आए डॉक्टर वार्डों में ड्यूटी करने लगे। डॉ. एसए समद्दर, डॉ. मनोज अग्रवाल, डॉ. बीकेएस चौहान समेत कई ने इंटर्न की बजाय खुद ही मरीजों का इलाज शुरू किया। इमरजेंसी में तैनात डॉ. समद्दर ने वार्डों व इमरजेंसी दोनों जगह मरीजों को देखा। पैथोलॉजी के सामने प्रदर्शन कर रहे इंटर्न के रवैये से हर कोई नाराज था। पैथोलॉजी के कर्मचारियों का कहना था कि अस्पताल में पहली बार इस तरह से इंटर्न ने अराजकता फैलाई है। कई वरिष्ठ डॉक्टरों ने कहा कि प्रशिक्षण लेने वाले इंटर्न राजनीति कर रहे हैं। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हंगामे के बाद भी पांच इंटर्न के साथ की 14 सर्जरी
एकतरफ शरारती तत्वों के संग मिल कर इंटर्न अस्पताल के डॉ. आर बी सिंह को गलत बता कर हंगामा कर रहे थे। दूसरी ओर डॉ. आर बी सिंह अपने साथ पांच इंटर्न अजुकिया खान, फिरदौस नसीम खान, मो आमिर खान, मो फाजिल खान, साहिर सिद्दीकी के संग सर्जरी में लगे थे। अस्पताल के अधिकारी इन शरारती तत्वों के आगे झुक कर गिड़ गिड़ा रहे थे। वहीं सख्त मिजाज आरबी सिंह पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा। उन्होंने एक दिन में 14 सर्जरी किए।
शरारती तत्वों पर इंटर्न को भड़काने का आरोप
अस्पताल के कर्मचारी व डॉक्टर हंगामा करने वाले इंटर्न के रवैये से काफी नाराज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार में इंटर्न कम संख्या में थे। इनको उकसाने का काम एक चिकित्सा संगठन के पदाधिकारियों ने किया। सुबह कई इंटर्न ने कार्य बहिष्कार से मना किया तो मामला ठंडा हो रहा था। इसी बीच इस संगठन के शरारती तत्व पहुंच गए। इन लोगों ने इंटर्न को उकसाते हुए पुतला तैयार कराया। इन लोगों ने अस्पताल के निदेशक का घेराव किया तो निदेशक ने इनको बाहरी ठहराते हुए बाहर कर दिया। इन्हीं शरारती तत्वों ने पिछले दिनों सीएमओ के झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में रोड़ा अटकाते हुए हंगामा प्रदर्शन किया था। चिकित्सा हितों के लिये काम करने के नाम पर संगठन चलाने वाले इन शरारती तत्वों ने पिछले दिनों सीएमओ के मजबूत अभियान को विवादों में खड़ा कर दिया था।
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