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रेप पीड़िता को थाने में बिठाया, चाचा को जेल भेजा

Sat, 27 Apr 2013 05:30 AM IST
Lucknow
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लखनऊ। राजधानी के एक कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा 11 में पढ़ रही छात्रा का उसके सहपाठी रहे युवक ने अपहरण कर दो दिन तक दुराचार किया। सरोजनीनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई, लेकिन पुलिस ने आरोपी पर कार्रवाई करने के बजाय उससे साठगांठ कर नाबालिग पीड़िता को ही तीन दिन तक थाने में रोके रखा। लगातार पांच दिनों से नर्क झेल रही लड़की सदमे में आ गई। इसके बाद पुलिस ने उसे डरा-धमकाकर मजिस्ट्रेट के सामने बयान करवा लिया कि उसके चाचा ने ही दुष्कर्म किया है। पीड़ित छात्रा के चाचा को गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया गया। घटना दिसंबर 2012 की है और लड़की के चाचा अब भी जेल में ही हैं। 30 अप्रैल से कोर्ट में उनका ट्रायल शुरू होगा।
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शर्मसार करने वाली यह कारगुजारी लखनऊ पुलिस की है। बाद में पीड़ित छात्रा सुरेखा (परिवर्तित नाम) ने एक्टिविस्ट अंजली सिंह की सहायता से न्यायालय बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) का दरवाजा खटखटाया, जहां 15 अप्रैल को पांच सदस्यीय समिति की मौजूदगी में उसके बयान दर्ज किए गए। इसमें उसने आरोपी युवक विमल यादव पुत्र अमृतलाल यादव के साथ ही पुलिस पर भी बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। समिति ने इन बयानों की प्रति और अपने पड़ताल की रिपोर्ट कोर्ट को भेज दी है। साथ ही पुलिस द्वारा अपनाए गए तौर-तरीके को गैर कानूनी बताते हुए मामले की जांच करने और विभाग के दोषी पुलिसकर्मियों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के लिए आईजी क्राइम को कहा गया है।
जिसने पाला, उसी पर लगवा दी दुराचार की तोहमत ः पीड़ित के परिवार के अनुसार सुरेखा 10 महीने की थी तभी उसके माता-पिता की एक कार एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। तब से तीन चाचा और दादा ने उसकी परवरिश की। छात्रा के साथ उसके सहपाठी विमल ने छेड़छाड़ की तो मझले चाचा ने स्कूल में शिकायत की थी। सुरेखा के अनुसार पुलिस ने विमल से साठगांठ कर उसके चाचा को झूठे आरोप में जेल भेज दिया।
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पुलिस बोली, मुंह खोला तो पूरे परिवार को जेल में बंद कर देंगे ः सुरेखा के अनुसार उसकी क्लास में पढ़ने वाला विमल यादव आए दिन स्कूल व आते-जाते समय उससे छेड़छाड़ करता था। उसने घर में इसकी जानकारी दी तो मझले चाचा ने स्कूल प्रिंसिपल व मैनेजर से इसकी शिकायत की। सभी ने विमल को चेताया, लेकिन वह नहीं माना तो उसे स्कूल से रेस्टिकेट कर दिया गया। 13 दिसंबर 2012 को सुरेखा अपने घर में काम करने वाली एक लड़की के साथ बाजार से घर लौट रही थी तभी विमल ने बंदूक के दम पर एक दोस्त के साथ मिलकर मोटरसाइकिल से उसका अपहरण कर लिया। उसे एक घर की पहली मंजिल पर ले जाया गया। वहां नशीली दवाएं खिलाकर विमल ने कई बार उससे दुराचार किया। 14 दिसंबर को सुरेखा के दादा ने सरोजनी नगर थाने में शक के आधार पर विमल यादव के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज करवाई। इस बीच, 15 दिसंबर को विमल के पिता सुरेखा को यह कहते हुए थाने के पास छोड़ गए कि अगर उसने विमल का नाम लिया तो उसके पूरे परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा। सुरेखा ने पुलिस के जरिए घर पर संपर्क किया। वहीं, उसके मामले की जांच कर रहे अधिकारी ओपी यादव ने उसे धमकाना शुरू कर दिया कि अगर उसने किसी को कुछ भी बताया तो पूरे परिवार को जेल में बंद कर दिया जाएगा। परिवार के लोग थाने पर आए, लेकिन पुलिस ने उनसे बात नहीं करने दिया। शाम को ओपी यादव उसे एक महिला कांस्टेबल के साथ लोकबंधु अस्पताल ले गए और मेडिकल कराया गया। रात में उसे एक महिला कांस्टेबल के साथ अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में सोने को भेज दिया गया। अगले दो दिन भी उसे थाने में रखा गया। रात 8 से सुबह 8 बजे तक सोने के लिए अस्पताल भेज दिया जाता। इस दौरान उसे डराया-धमकाया गया कि वह विमल यादव के खिलाफ कुछ न बोले और अपने चाचा पर दुराचार का आरोप लगाए नहीं तो उसकी पूरी फेमिली को जेल में डाल दिया जाएगा। लगातार प्रताड़ना और तनाव के माहौल में 18 दिसंबर को उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां उसने परिवार को बचाने के लिए चाचा के खिलाफ बयान दे दिया।

फिर नहीं लिखे बयान ः मजिस्ट्रेट के सामने दिए अपने बयान को अब फिर से दर्ज किए जाने के लिए सुरेखा तमाम पुलिस अधिकारियों से मिल चुकी है, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। हार कर उसने वकील के जरिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के सामने प्रार्थना की, जिसने एसएसपी को निर्देश देकर मामले की जांच कर रहे अधिकारी को बदलवाया, लेकिन नए जांच अधिकारी ने भी लड़की के बयान करवाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई बल्कि उसके चाचा के खिलाफ चल रहे केस को ही आगे बढ़ाया। फिलहाल सुरेखा के चाचा जेल में हैं। उसने अपने मामले को देख रहे सरकारी वकील को भी बदलने के लिए कोर्ट में आवेदन किया है।

4 महीने बाद भी खौफजदा ः सीडब्ल्यूसी ने कोर्ट और आईजी क्राइम को भेजी सुरेखा के बयान की कॉपी और अपनी रिपोर्ट में बताया है कि घटना के 4 महीने बाद भी उसकी आंखों में खौफ देखा जा सकता है। वहीं पीड़िता के छोटे चाचा ने बताया कि विमल यादव की वजह से सुरेखा का स्कूल छूट गया। 15-20 नंबरों से रात में 1-1 बजे उसके दादाजी को धमकी भरे फोन किए जाते हैं। परिवार को डर है कि उन पर हमला कराया जा सकता है।
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