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रोके गए बीसीए छात्रों को मिलेगा दाखिला

Wed, 17 Apr 2013 05:30 AM IST
Lucknow
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के बैचलर ऑफ कंप्यूटर साइंस (बीसीए) फर्स्ट सेमेस्टर के दाखिले से रोके गए छात्रों को विवि प्रशासन ने राहत दी है। मामले में विवि प्रशासन ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बैक पेपर के लिए सभी अर्ह छात्रों को दाखिला देने की बात मान ली है। छात्र बुधवार से दाखिले की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
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लविवि के कंप्यूटर साइंस विभाग ने बीसीए फर्स्ट सेमेस्टर के दर्जनभर छात्रों को दाखिला देने से मना कर दिया था। विभाग का तर्क था कि बीसीए में बैक पेपर की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। ऐसे में छात्रों को अगले सेमेस्टर में प्रवेश नहीं दिया जा सकता। छात्रों के मुताबिक उनकी मार्कशीट में ‘एलिजिबल फॉर बैक पेपर’ दर्ज है। साथ ही विभाग ने उन्हें ऐसी कोई जानकारी भी नहीं दी थी। ऐसे में उन्हें दाखिले से रोका जाना नियम संगत नहीं है। 11 अप्रैल को विलंब शुल्क के साथ सेमेस्टर फीस जमा करने की आखिरी तारीख भी बीत गई और छात्रों को दाखिला नहीं मिल सका। 12 अप्रैल को ‘अमर उजाला’ ने ‘बीसीए में दाखिले पर लगाई रोक’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद हरकत में आए प्रशासन ने मामले का हल ढूंढ़ने की पहल की। मंगलवार को विवि प्रशासन ने बीसीए फर्स्ट सेमेस्टर के दाखिले से रोके गए सभी छात्रों को अगली कक्षा में प्रोन्नत करने का फैसला किया। छात्र बुधवार से प्रवेश की प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। उन्हें तीसरे सेमेस्टर में बैक पेपर की परीक्षा दिलाई जाएगी। इसके लिए नियमों में बदलाव के लिए मामले को परीक्षा समिति और कार्य परिषद के समक्ष रखा जाएगा।

विवि की गलती से फंसा था पेंच
पिछले साल विवि प्रशासन ने बीसीए में बैक पेपर परीक्षा की सुविधा का प्रावधान खत्म कर दिया था। अभी तक बीसीए के दो पेपरों में फेल होने पर छात्रों को बैक पेपर की सुविधा मिलती थी लेकिन छात्रों को कम से कम 48 प्रतिशत अंक प्राप्त करना जरूरी था। विवि प्रशासन ने 48 प्रतिशत न्यूनतम अंकों की अर्हता में ढिलाई करते हुए इसे 40 प्रतिशत कर दिया था। इस बार की परीक्षा में परीक्षा विभाग की गलती से छात्रों की मार्कशीट में बैक बैक पेपर के लिए अर्ह प्रिंट हो गया था। व्यवस्था समाप्त हो जाने के कारण ही विभाग ने छात्रों को दाखिला देने से मना कर दिया था। मार्कशीट में हुई त्रुटि को ही आधार बनाकर छात्रों ने प्रवेश देने की मांग की थी।
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कॉलेजों के छात्रों को भी मिलेगा लाभ
विवि के इस फैसले से संबद्ध कॉलेजों के छात्रों को भी लाभ मिलेगा। बैक पेपर के लिए अर्ह होने के कारण कॉलेजों ने छात्रों का दाखिला तो कर लिया था लेकिन नियमों में पेंच फंसने की दशा में परीक्षा के समय छात्रों के सामने संकट आने की पूरी आशंका थी।

वर्जन
बीसीए प्रथम सेमेस्टर के दाखिले से रोके गए सभी छात्रों को अगली कक्षा में प्रोन्नत किया जाएगा। बुधवार से सभी दाखिले के लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। छात्र तीसरे सेमेस्टर में बैक पेपर परीक्षा दे सकेंगे। इसके लिए नियमों में कुछ संशोधन करने की जरूरत पड़ेगी। प्रशासन संबंधित निकाय या समितियों के समक्ष इस प्रकरण को रखेगा।
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प्रो. अकील अहमद, परीक्षा नियंत्रक, लविवि
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