लखनऊ। नाका क्षेत्र में सोमवार देर रात कथित मुठभेड़ में पकड़े गए दो बदमाशों में एक पुलिस का मुखबिर था जो साथियों की मदद से सराफा व्यापारियों से लूटपाट करता था। दोनों ने कई वारदात कबूली हैं। हत्थे चढ़े बदमाशों के पास से लूटे गए गहने बरामद हुए हैं।
एसपी सिटी पश्चिम अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि चारबाग बस अड्डे के पास सोमवार रात मुठभेड़ में पकड़े गए बदमाशों में बाराबंकी के रामनगर निवासी मोहित शुक्ला पुलिस की मुखबिरी भी करता था। पुलिस ने मोहित व सआदतगंज के कटरा विजन बेग निवासी उसके साथी रवि उर्फ मनीष वर्मा के कब्जे से पिस्टल, तमंचा व लूटे गहने बरामद किए हैं। इस गिरोह ने दो दिन पहले उन्नाव में आगरा के सराफा व्यवसायी श्रीकृष्ण अग्रवाल से 35 किलो चांदी व नगदी लूटी थी।
मोहित ने कबूला कि उसने 11 अप्रैल को अपने साथी देवराज चौहान उर्फ बउआ की मदद से मलिहाबाद के सराफा व्यवसायी राजेश सोनू से लूटपाट की थी। धौरा बाजार से बाइक से लौट रहे राजेश को उन्नाव के हसनगंज थाना क्षेत्र के मटरिया व टाड खेड़ा के बीच रोककर वारदात अंजाम दी थी। इसमें गहने व 23 हजार रुपए मिले थे। इसके अलावा भी सराफा व्यापारियों से लूटपाट की कई वारदात कबूलीं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि सराफा व्यापारियों के नौकरों या कारीगरों को लुटेरों ने अपना मुखबिर बना रखा था। सटीक सूचना पर वारदात अंजाम देते थे।
चोरी की सजा काटने के बाद शुरू की लूट
मोहित ने कबूला कि चौक पुलिस ने पिछले साल 13 जनवरी को उसे वाहन चोरी व अवैध शस्त्र रखने के आरोप में गिरफ्तार करके जेल भेजा था। उसने कोर्ट में जुर्म कबूल लिया और 8 नवंबर 12 को सजा काटकर जेल से निकला। पुलिस ने उसे पूछताछ के बहाने मुखबिरी के लिए दबाव बनाया। मुखबिरी करने के साथ उसने सराफा व्यापारियों के नौकर व कारीगरों से पहचान बनाई और लूटपाट करने लगा। अमानत में खयानत के आरोप में 2010 में गिरफ्तार किए गए रवि से उसकी जेल में दोस्ती हुई थी।
पत्नी के गहने बेच खरीदा पिस्टल
मोहित ने कबूला कि मुंगेर में बना पिस्टल खरीदने लिए उसने पत्नी के गहने बेचे थे। इसके बाद उसने 20 हजार रुपये में पिस्टल खरीदा। इरादा था कि लूटपाट से कमाए रुपयों से पत्नी को नए गहने दिला देगा।