लखनऊ। आईटीआई पास एटीएम से नगदी उड़ा रहा था। सोमवार को कृष्णानगर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से 18 महीने से फरार चल रहे इस टप्पेबाज को दबोच लिया, जबकि उसका साथी फरार हो गया। पकड़े गए आरोपी ने अक्तूबर 2011 में झांसा देकर एक रिटायर्ड इंजीनियर के एटीएम से 1.11 लाख रुपए निकाल लिए थे। तभी से उसकी तलाश की जा रही थी। पुलिस ने आरोपी के खाते से 40 हजार रुपए बरामद किए हैं, जबकि फरार साथी की तलाश में दबिश दी जा रही है। कृष्णानगर के एलडीए (द्वितीय) के चौकी इंचार्ज चंद्र मोहन के मुताबिक, अक्तूबर 2011 में एक टप्पेबाज ने बल्दीखेड़ा तिराहा स्थित एसबीआई के एटीएम से रुपए निकालने आए मानसनगर के रिटायर्ड इंजीनियर राजकुमार श्रीवास्तव को झांसा देकर उनके एटीएम से 1.11 लाख रुपए निकाल लिए थे। पुलिस रिटायर्ड इंजीनियर की तहरीर पर मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश कर रही थी। इस दौरान सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों क ी पहचान बरेली में शेरगढ़ के नागरियाकला गांव निवासी मनोहर लाल मौर्य व मालदा के चांदपुर निवासी मो. मुकलेसुर रहमान के रूप में हुई। पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की। छानबीन में इनके सेलफोन नंबर मिल गए और सर्विलांस के जरिए लोकेशन ट्रेस की गई। पुलिस को सुराग मिले कि दोनों फिर राजधानी में किसी वारदात के फिराक में आए हैं। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आलमबाग बस अड्डे के पास से मनोहर लाल मौर्य को दबोच लिया, जबकि उसका साथी फरार हो गया। पुलिस मो. मुकलेसुर रहमान की तलाश में दबिश दे रही है। मनोहर आईटीआई पास कर टाटा मोटर्स में ऑपरेटर की नौकरी भी कर चुका है, लेकिन बाद में उसने अपने साथी के साथ मिलकर एटीएम से रुपए उड़ाने शुरू कर दिए। चौकी प्रभारी ने बताया कि मनोहर के खाते से 40 हजार रुपए बरामद हुए हैं।
बंगाल व उत्तराखंड में भी की वारदात ः पुलिस की मानें तो आरोपी मनोहर व मो. मुकलेसुर रहमान उत्तराखंड व बंगाल में भी वारदात कर चुके हैं। दोनों आरोपी बंगाल में करीब छह महीने और उत्तराखंड में चार महीने किराए के मकान में रहे। पुलिस वहां के वारदातों की तस्दीक करा रही है। विवेचक चंद्र मोहन की मानें तो आरोपी बरेली, शाहजहांपुर समेत आसपास के जिलों में सक्रिय रहे हैं। वहां से इनके बारे में जानकारी ली जा रही है।
पलक झपकते उड़ाते थे रुपए ः पुलिस की मानें तो आरोपी एटीएम से पलक झपकते रुपए उड़ाते थे। दोनों एटीएम से रुपए निकालने आए बुजुर्ग व महिलाओं को अपना निशाना बनाते थे। आरोपी एटीएम पर अकेले आए व्यक्तियों को बातों में फंसाकर उसकी मदद के बहाने एटीएम का पासवर्ड जान लेते थे फिर रुपए उड़ा देते थे। आरोपियों ने रिटायर्ड इंजीनियर राजकुमार का एटीएम की बदल दिया था और उसके एटीएम से 1.11 लाख रुपए निकाल लिए थे।