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अचानक स्कूल बंद, 300 बच्चों का भविष्य अधर में

Mon, 08 Apr 2013 05:30 AM IST
Lucknow
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लखनऊ। गोमती नगर के विराजखंड में चल रहा लखनऊ पब्लिक स्कूल अचानक बंद हो गया है। स्कूल प्रबंधक ने अखबारों में नोटिस जारी किया है कि उनका इस स्कूल से कोई वास्ता नहीं। प्रबंधक की इस घोषणा से यहां पढ़ रहे 300 बच्चों का भविष्य संकट में है। अभिभावक स्कूल के चक्कर काट रहे हैं लेकिन कोई उन्हें सही स्थिति बताने वाला नहीं है। प्रिंसिपल भी प्रबंधतंत्र के कदम से हतप्रभ हैं। वे कहती हैं ‘हमें अंधेरे में रखा गया।’ स्कूल के टीचर्स और कर्मचारी भी नौकरी की असुरक्षा को लेकर घबराए हुए हैं। 12वीं तक के इस स्कूल को दो वर्ष पहले खोला गया था। स्कूल के टीचर्स के अनुसार स्कूल लोकेश सिंह ने खोला था। आशियाना व एलडीए कॉलोनी समेत शहर में पांच जगहों पर संचालित लखनऊ पब्लिक स्कूल की विभिन्न शाखाओं के कर्ताधर्ता भी लोकेश सिंह ही हैं। प्रबंधतंत्र ने आभा पटेल को यहां प्रिंसिपल बनाया। उन्हें कक्षा आठ तक की कक्षाओं की जिम्मेदारी दी गई। बकौल प्रिंसिपल 14 मार्च को प्रबंधक लोकेश सिंह ने अचानक अखबार में नोटिस जारी करते हुए स्कूल से कोई वास्ता न होने की घोषणा कर दी। इसके बाद कई अखबारों में यह सूचना प्रकाशित हुई। इससे अभिभावकों व स्टाफ में हड़कंप मच गया। स्वयं उन्हें भी इस घोषणा की कोई जानकारी नहीं थी। प्रिंसिपल के अनुसार उन्होंने मैनेजर से संपर्क किया तो उन्होंने अंदरूनी मामला बताकर स्कूल से कोई वास्ता न होने व उन्हें अपना काम करने की बात कही। इधर, अभिभावकों ने स्कूल से संपर्क कर सही स्थिति पता लगाने की कोशिश की लेकिन उन्हें जवाब नहीं मिला। असमंजस की स्थिति में प्रिंसिपल ने 25 से 30 मार्च को प्रस्तावित विभिन्न कक्षाओं के रिजल्ट की घोषणा रोक दी। अभिभावकों ने दबाव बनाया तो दो अप्रैल को रिजल्ट जारी कर दिया गया पर प्रिंसिपल ने स्कूल बंद कर दिया। इसी के बाद से ऊहापोह की स्थिति है। अभिभावक रोज स्कूल से पढ़ाई शुरू होने की बात पूछते हैं पर कोई सही जवाब देने वाला नहीं है। गोमती नगर में ही रहने वाले अभिभावक केपी सिंह के अनुसार वह प्रिंसिपल से लगातार संपर्क कर रहे हैं लेकिन वे कुछ भी स्पष्ट नहीं बता पा रहीं हैं।
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अभिभावक परेशान कहां ले जाएं बच्चों को ः प्रतिष्ठित स्कूल का बैनर देख बच्चों का दाखिला कराने वाले अभिभावक अचानक स्कूल बंद होने से हैरान हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि नया सत्र शुरू होने पर अब बच्चों को कहां ले जाएं। अभिभावक महबूब अली के बेटे रिजवान व रेहान पांचवीं कक्षा में हैं व बेटियां जेबा सातवीं और बुसरा नौवीं में हैं। इनके भविष्य को लेकर महबूब अली परेशान हैं। इसी तरह केपी सिंह की भी दो बेटियां प्रियांशी व शांभवी यहां पढ़ती हैं। इनमें प्रियांशी इस बार पांचवीं में और शांभवी सातवीं में गई है। केपी सिंह कहते हैं कि अब अचानक वह किस स्कूल में बच्चों का दाखिला कराएं।

दूसरी जगह नौकरी तलाश रहे टीचर्स ः स्कूल के भविष्य पर संकट मंडराता देख यहां के टीचर्स ने दूसरी जगह नौकरी तलाशनी शुरू कर दी है। कुछ समय पहले तक स्कूल में प्रिंसिपल के अलावा करीब 16-17 शिक्षक थे। अब केवल नौ टीचर्स ही बचे हैं। वहीं, चार-पांच कर्मचारी हैं जिन्हें अपनी रोजी-रोटी जाने का डर है।
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बिना मान्यता हो रही पढ़ाई ः
कहने के लिए तो गोमती नगर का लखनऊ पब्लिक स्कूल 12वीं तक चल रहा है और यहां सीबीएसई से मान्यता होने का दावा किया जा रहा था लेकिन वास्तव में मान्यता है ही नहीं। खुद प्रबंधक लोकेश सिंह यह बात स्वीकार करते हैं। हालांकि, कक्षा आठ तक की प्रिंसिपल ने अपनी कक्षाओं की मान्यता होने का दावा किया है। नौवीं से 12वीं तक की कक्षाओं का संचालन एक अन्य प्रिंसिपल देखते हैं। जिम्मेदारों के अनुसार यहां के बच्चों को दूसरी ब्रांच की मान्यता पर पढ़ाया जा रहा है।

ये है प्रबंधक की ओर से छपे नोटिस का मजमून ः लखनऊ पब्लिक स्कूल (संस्थापक-श्री सीपी सिंह) की पांच शाखाओं क्रमश: सेक्टर-डी, एलडीए कॉलोनी कानपुर रोड, सेक्टर-आई, एलडीए कॉलोनी, कानपुर रोड, सेक्टर-एफ, जानकीपुरम, सहारा एस्टेट रोड, ए-ब्लॉक साउथ सिटी, रायबरेली रोड और नव अबद अबुल हसन नकवी कॉलोनी, अहियारायपुर, रायबरेली के अलावा कोई अन्य शाखा नहीं है। उक्त नाम से मिलते-जुलते नाम की संस्थाएं हमारी संस्थाओं से संबद्ध होने का दावा कर भ्रामक प्रचार कर रही हैं और जनमानस को धोखा दे रही हैं। कृपया इस प्रकार के दावों पर विश्वास न करें। इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति उस पर विश्वास करता है तो व्यक्ति/संस्था स्वयं जिम्मेदार होंगे।
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