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निजी पॉलीटेक्निकों में फिर हुआ एडमिशन में खेल

Mon, 01 Apr 2013 05:30 AM IST
Lucknow
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लखनऊ। पॉलीटेक्निक की वार्षिक परीक्षाओं की घोषणा के साथ ही दाखिले के खेल फिर उजागर होने लगे हैं। राजधानी सहित दूसरे जिलों में भी संचालित हो रहे कुछ निजी पॉलीटेक्निक संस्थानों ने न्यनूतम अर्हता के नियम दरकिनार कर दाखिले ले लिए हैं। प्राविधिक शिक्षा परिषद ने इनके परीक्षा फॉर्म अस्वीकार कर दिए हैं और ऐसे में संस्थानों की धोखाधड़ी के चलते हजारों छात्रों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।
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पॉलीटेक्निक कॉलेज पिछले कुछ सालों से दाखिले का सूखा झेल रहे हैं। निजी संस्थानों में यह स्थिति और बदतर है। काउंसलिंग से सीटें न भरते देख अक्टूबर में शासन ने आदेश जारी कर इन संस्थानों को सीधे दाखिले की अनुमति दे दी थी। हालांकि, इसके लिए न्यूनतम अर्हता के नियम में बदलाव किया गया था। काउंसलिंग के जरिए प्रवेश लेने वाले छात्रों को दसवीं में न्यनूतम 35 प्रतिशत अंक चाहिए थे, वहीं सीधे दाखिले में शासन ने इसे बढ़ाकर 50 प्रतिाश्त (एससी/एसटी अभ्यर्थियों के लिए 45 प्रतिशत) कर दिया था। सीटें भर मुनाफा कमाने की चाहत में कई संस्थानों ने 50 प्रतिशत अंकों के मानक को दरकिनार कर कम अंक वाले अभ्यर्थियों को भी इंजीनियरिंग डिप्लोमा में एडमिशन दे दिया है। वार्षिक परीक्षाओं की घोषणा के बाद जब छात्रों के परीक्षा फॉर्म प्राविधिक शिक्षा परिषद ने जमा कराना शुरू किया, तब इस खेल का खुलासा हुआ। फिलहाल परिषद ने ऐसे परीक्षा फॉर्म को संस्थानों को वापस भेज दिया है। पिछले साल भी इन कॉलेजों ने मुश्किल खड़ी की थी। बिना शासनादेश के ही कॉलेजों ने खाली सीटों पर सीधे दाखिले कर लिए थे। इसके चलते हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया था। हालांकि, प्रबंधकों के दबाव में शासन ने इन दाखिलों को वैधता दे दी थी जिससे घोषित कार्यक्रम के एक दिन पहले पॉलीटेक्निक की परीक्षा टालनी पड़ गई थी। इस बार भी ये देखना दिलचस्प होगा कि संस्थानों द्वारा नियमों से खेल कर लिए गए दाखिले क्या गुल खिलाते हैं?

1.60 लाख छात्र देंगे परीक्षा
पॉलीटेक्निक की परीक्षाएं नौ अप्रैल से शुरू हो रही है। इसके लिए 160 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं जिसमें लगभग 1.60 लाख छात्र शामिल होंगे। प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव आरके वर्मा ने बताया कि परीक्षा की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। परीक्षाएं 30 अप्रैल तक चलेंगी। नकलरहित परीक्षा के लिए सचल दस्ते बनाए गए हैं जबकि हर एक जोन में पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। जितने संयुक्त सचिव हैं, वे भी परीक्षा में पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी निभाएंगे। राजधानी में 11 केंद्रों पर परीक्षाएं होंगी।
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कोट्स
उन्हीं छात्रों के परीक्षा फॉर्म स्वीकार किए गए हैं जिनका प्रवेश शासन द्वारा निर्धारित अर्हता एवं नियमों के अनुरूप हुआ है। कुछ संस्थानों से ऐसे छात्रों के परीक्षा फॉर्म भी भेजे गए थे जिनके दसवीं में 50 प्रतिशत से कम अंक हैं जबकि उनका दाखिला काउंसलिंग के जरिए नहीं हुआ था। उनके परीक्षा फॉर्म स्वीकार नहीं किए गए हैं।
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आरके वर्मा, सचिव, प्राविधिक शिक्षा परिषद
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